दुनिया में बीते दिन 20.71 लाख नए कोरोना संक्रमितों की पहचान हुई है। 13.48 लाख लोग ठीक हुए हैं, जबकि 5,286 लोगों की मौत हुई है। नए संक्रमितों के मामले में अमेरिका 3.89 लाख मरीजों के साथ टॉप पर है, जबकि 2.38 लाख नए मामलों के साथ भारत दूसरे नंबर पर है। वहीं, 2.38 लाख नए केस के साथ स्पेन तीसरे नंबर पर है।
अमेरिका में 458 नई मौतें दर्ज की गई हैं। एक्टिव केस के मामले में अमेरिका टॉप पर है। पूरी दुनिया में 5.68 करोड़ एक्टिव केस हैं। इनमें से 2.35 करोड़ अकेले अमेरिका में हैं। पूरी दुनिया में अब तक करीब 33.13 करोड़ से ज्यादा लोग इस महामारी की चपेट में आ चुके हैं। इनमें से 26.90 करोड़ ठीक हो चुके हैं। वहीं, 55.63 लाख ने जान गंवाई है।
हाल ही में इंटरनेशनल जर्नल ऑफ इंफेक्शियस डिजीज में पब्लिश किए गए रिसर्च में दावा किया गया है कि 10 दिनों के क्वारैंटाइन पीरियड के बाद भी 10 में से एक व्यक्ति कोविड संक्रमित हो सकता है। स्टडी में ऐसे टेस्ट का उपयोग किया गया जिससे मरीज के ठीक होने बाद भी वायरस के एक्टिव होने का पता चलता है।
176 लोगों के कोविड सैंपल्स पर स्टडी के बाद ये जानकारी सामने आई है। यहां कि एक्सेटर यूनिवर्सिटी के रिसर्चर्स ने पाया कि ठीक होने के 10 दिन बाद भी 13% लोगों में वायरस का लेवल देखा गया। इसका मतलब है कि वे अभी भी संक्रमण फैला सकते हैं।
हॉन्गकॉन्ग पुलिस ने दो पूर्व फ्लाइट अटेंडेंट को आइसोलेशन पीरियड के दौरान घर से बाहर पाए जाने पर गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों की जांच रिपोर्ट ओमिक्रॉन पॉजिटिव आई है। दोनों 24 और 25 दिसंबर को अमेरिका से लौटे थे। कैथे पैसिफिक एयरलाइंस ने दोनों क्रू मेंबर्स को पिछले दिनों कोरोना नियमों के उल्लंघन के आरोप में नौकरी से निकाल दिया था। हालांकि, एयरलाइंस ने दोनों की पहचान उजागर नहीं की है।
दोनों क्रू मेंबर्स को जमानत पर रिहा कर दिया गया है। कोर्ट में इस मामले की सुनवाई 9 फरवरी को होगी। दोषी पाए जाने पर उन्हें 6 महीने तक की कैद और 5,000 हॉन्गकॉन्ग डॉलर (करीब 48 हजार रुपए) का जुर्माना भरना पड़ सकता है।
दुनिया भर में कोरोना के बढ़ते संक्रमण के बीच एक हैरान करने वाली रिसर्च सामने आई है। नेचर मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुई इस रिसर्च में वैज्ञानिकों ने दावा किया है कि प्रेग्नेंसी के वक्त कोरोना से गंभीर समस्याएं होने का खतरा बढ़ जाता है। अगर प्रेग्नेंट महिला ने संक्रमण से बचने के लिए वैक्सीन नहीं ली, तो यह उसके बच्चे के लिए जानलेवा भी साबित हो सकता है।
ब्रिटेन की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिनबरा के वैज्ञानिकों का कहना है कि डिलीवरी डेट के 28 दिन पहले से प्रेग्नेंट महिलाओं को सावधानी बरतना बेहद जरूरी है। उन्होंने अपनी रिसर्च में पाया है कि मां को कोरोना होने पर बच्चा डिलीवरी डेट के पहले ही पैदा हो सकता है। इसके अलावा, संक्रमण से बच्चे की गर्भ में ही मृत्यु हो सकती है।
कुछ मामलों में जन्म के बाद नवजात बच्चों की मौत भी हुई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि जो महिलाएं प्रेग्नेंसी के समय वैक्सीन नहीं लगवाती है,
इजराइल ने कोरोना संक्रमितों के अनिवार्य आइसोलेशन पीरियड को 7 दिन से घटाकर 5 दिन कर दिया है। ये फैसला बुधवार से लागू होगा। इससे पहले अमेरिका और ब्रिटेन भी आइसोलेशन पीरियड को घटा चुके हैं।बीजिंग में ओमिक्रॉन का केस सामने आने के बाद चीन ने अजीबोगरीब दावा किया है। चीन का कहना है कि कनाडा से आए इंटरनेशनल पैकेज के कारण बीजिंग में ओमिक्रॉन फैला है। इस बीच चीन में सोमवार को लगभग दो साल में सबसे ज्यादा नए केस सामने आए हैं। चीन में 223 नए केस आए हैं। वहीं, बीजिंग में रविवार को एक ऑफिस बिल्डिंग में ओमिक्रॉन का केस आने के बाद पूरी बिल्डिंग को सील कर दिया है।













