Ayodhya Rape Case: साल 2024 में उत्तर प्रदेश के अयोध्या में एक 12 साल की बच्ची से जुड़े गैंगरेप मामले ने राज्य भर में हलचल मचा दी थी। इस मामले में आरोपी मोईद खान का समाजवादी पार्टी से कनेक्शन चर्चा में आया था, और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इसे विधानसभा में भी उठाया था। मामले के तुरंत बाद प्रशासन ने मोईद खान के शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और बेकरी पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया था।
अब लगभग डेढ़ साल बाद अयोध्या की स्पेशल पॉक्सो कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए मोईद खान को बरी कर दिया है, जबकि उनके नौकर राजू खान को दोषी करार दिया गया है। (Ayodhya Rape Case) जज निरुपमा विक्रम ने सुनवाई में बताया कि डीएनए जांच में मोईद खान का डीएनए मैच नहीं पाया गया, जबकि राजू खान का डीएनए मैच हुआ। इसी आधार पर मोईद को सभी आरोपों से मुक्त किया गया। राजू खान को जल्द ही सजा सुनाई जाएगी।
इस मामले में पीड़िता की मां ने अदालत में स्वीकार किया कि उन्होंने राजनीतिक दबाव में मोईद खान का नाम लिया था। (Ayodhya Rape Case) पुलिस जांच में भी कई विरोधाभास सामने आए, जैसे घटना मोईद की बेकरी के अंदर हुई या बाहर पेड़ के नीचे। इससे केस की वास्तविक स्थिति पर विवाद बना रहा।
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने गिरफ्तारी के बाद मोईद खान की बेकरी और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स को ध्वस्त कर दिया। (Ayodhya Rape Case) इसके अलावा, पीड़िता गर्भवती थी और 7 अगस्त 2024 को लखनऊ के क्वीन मैरी अस्पताल में उसका गर्भपात करवाया गया।
इस घटना ने अयोध्या में राजनीतिक और सामाजिक हलचल पैदा की थी। मोईद खान के नाम पर लगाए गए आरोप और उनके नौकर की दोषसिद्धि ने मामले को और जटिल बना दिया। अब न्यायपालिका के फैसले के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि मोईद खान मामले से मुक्त हैं, जबकि उनके नौकर को कानून के तहत जिम्मेदार ठहराया गया है।















