Himanta Biswa Sarma: असम में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं और अगले एक-दो महीनों में चुनाव कराए जाने की संभावना जताई जा रही है। चुनाव से पहले ही राज्य में सियासी माहौल गर्म है और कांग्रेस तथा बीजेपी के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। (Himanta Biswa Sarma) इसी बीच कांग्रेस नेता गौरव गोगोई, उनकी पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न गोगोई और पाकिस्तान से जुड़े कथित संबंधों की जांच को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। असम कैबिनेट ने इस मामले की जांच अब केंद्रीय गृह मंत्रालय को सौंपने का निर्णय किया है।
मुख्यमंत्री डॉ. हिमंत बिस्वा सरमा की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उस स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट की समीक्षा की गई, जिसमें गौरव गोगोई और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच कथित संबंधों के आरोपों की जांच की गई थी।
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कैबिनेट ने रिपोर्ट में सामने आई जानकारियों को गंभीर बताते हुए आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए इसे गृह मंत्रालय को सौंपने का फैसला किया। बताया गया है कि इस रिपोर्ट में कथित विदेशी संबंधों से जुड़े कुछ “चौंकाने वाले इनपुट” शामिल हैं। यह रिपोर्ट 8 फरवरी को सुबह 10:30 बजे सार्वजनिक की जाएगी।
Himanta Biswa Sarma: गृह मंत्रालय को सौंपा जाएगा मामला
मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि SIT ने जांच के दायरे में व्यापक रूप से काम किया है, लेकिन इसकी कुछ सीमाएं भी हैं, क्योंकि मामले में इंटरपोल और संसदीय मामलों से जुड़ी जानकारियों की आवश्यकता है। (Himanta Biswa Sarma) उन्होंने कहा कि गृह मंत्रालय यदि इस जांच को NIA, IB या CBI जैसी किसी केंद्रीय एजेंसी को सौंपता है, तो असम सरकार सभी उपलब्ध सबूत उस एजेंसी को प्रदान करेगी।
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पिछले कुछ हफ्तों से मुख्यमंत्री सरमा लगातार गौरव गोगोई पर पाकिस्तान से कथित संबंधों के आरोप लगाते रहे हैं।
आरोपों पर गोगोई की प्रतिक्रिया
मुख्यमंत्री सरमा ने दावा किया कि यह जांच राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी है। वहीं गौरव गोगोई ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए इन्हें “बेबुनियाद, बेतुका और पागलपन भरा” बताया है। (Himanta Biswa Sarma) उन्होंने कहा कि यह पूरी कार्रवाई राजनीतिक रूप से प्रेरित है।
पाकिस्तान यात्रा को लेकर सवाल
पाकिस्तान यात्रा के समय को लेकर पूछे गए सवाल पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा कि यह यात्रा 2012 से 2016 के बीच हुई थी। (Himanta Biswa Sarma) उन्होंने दावा किया कि जब एक सांसद ने उस दौरान पाकिस्तान का दौरा किया, तब उनके पिता एक राज्य के मुख्यमंत्री थे और इस यात्रा की जानकारी न तो भारत सरकार को दी गई थी और न ही असम सरकार को।














