Lucknow Kila Masjid: लखनऊ के कसमंडी क्षेत्र में किला-मस्जिद विवाद ने बकरीद से पहले माहौल को संवेदनशील बना दिया है। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने विवादित स्थल पर नमाज अदा (Namaz Ban) करने पर रोक लगा दी है। अधिकारियों का कहना है कि यह फैसला केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने और किसी भी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए लिया गया है।
Lucknow Kila Masjid: किला या मस्जिद? विवाद की जड़ क्या है
विवादित स्थल को लेकर दोनों पक्ष अलग-अलग दावे कर रहे हैं। मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह जगह एक पुरानी मस्जिद है, जहां लंबे समय से धार्मिक गतिविधियां होती रही हैं। वहीं पासी समाज के लोग इसे राजा कंस का ऐतिहासिक किला बता रहे हैं। पासी समाज से जुड़े संगठनों का कहना है कि यह स्थान उनके इतिहास और सांस्कृतिक विरासत का हिस्सा है। उन्होंने प्रशासन से इस स्थल को संरक्षित स्मारक घोषित करने की मांग भी की है। इसी मुद्दे को लेकर पिछले कुछ दिनों से दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा था।
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बकरीद से पहले प्रशासन अलर्ट
बकरीद के त्योहार को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क हो गई है। विवादित स्थल (Bakrid 2026 Security) और उसके आसपास भारी संख्या में पुलिस और पीएसी के जवानों की तैनाती की गई है। इलाके में लगातार निगरानी की जा रही है ताकि किसी भी तरह की अफवाह या तनावपूर्ण स्थिति को समय रहते रोका जा सके। इसके अलावा प्रशासन ने निगरानी के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का भी सहारा लिया है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली भड़काऊ पोस्ट और अफवाहों पर नजर रखने के लिए साइबर टीम को सक्रिय कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि सोशल मीडिया पर माहौल खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शांति बनाए रखने पर प्रशासन का जोर
स्थानीय प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है। अधिकारियों ने दोनों समुदायों से शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है। प्रशासन ने साफ किया है कि विवाद से जुड़े ऐतिहासिक और कानूनी पहलुओं की जांच की जाएगी और उसके बाद आगे का फैसला लिया जाएगा। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता बकरीद के दौरान इलाके में शांति और सौहार्द बनाए रखना है, ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके।














