Rahul Gandhi on Modi Govt: लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कांग्रेस की अल्पसंख्यक सलाहकार समिति की बैठक में बड़ी भविष्यवाणी की। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने कहा कि आगामी एक साल के अंदर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की विदाई तय है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी ने यह भी कहा कि देश और दुनिया की लगातार बदलती आर्थिक परिस्थितियां आने वाले समय में भारतीय राजनीति पर भी बड़ा प्रभाव डालेगीं। उन्होंने दावा किया कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आर्थिक अस्थिरता और देश में बढ़ते आर्थिक असंतोष के कारण जनता के बीच नाराजगी बढ़ती ही जा रही है, जिसका सीधा असर केंद्र सरकार पर पड़ेगा।
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Rahul Gandhi on Modi Govt: डरने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं: राहुल गांधी
राहुल गांधी ने बैठक के दौरान अल्पसंख्यक समुदायों के मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। कुछ नेताओं ने सुझाव दिया कि पार्टी को “मुस्लिम” शब्द की बजाय “अल्पसंख्यक” शब्द का अधिक इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि सियासी विवादों से बचा जा सके। (Rahul Gandhi on Modi Govt) हालांकि कांगे्रस नेता राहुल गांधी ने इस सुझाव से असहमति जताई। उन्होंने कहा कि डरने की जरूरत बिल्कुल भी नहीं है। किसी भी वर्ग के साथ कोई भी अन्याय हो तो उसके समर्थन में खुलकर बोलना होगा।
राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस की राजनीति समाज के सभी समुदायों के अधिकारों और सम्मान की रक्षा करने की रही है। (Rahul Gandhi on Modi Govt) उन्होंने कहा कि चाहे हिंदू हों, दलित हों, सवर्ण हों, मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध या जैन समुदाय के लोग हों, कांग्रेस हर उस वर्ग की समस्या की आवाज बनेगी जो खुद को उपेक्षित महसूस करता है। बैठक में मौजूद नेताओं ने राहुल गांधी के इस रुख का पुरजोर समर्थन किया। कहा कि पार्टी को जमीनी स्तर पर भी इस संदेश को मजबूत करना होगा।
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मुस्लिम हितों को लेकर काम कर रही कांग्रेस
सूत्रों के अनुसार बैठक में कांग्रेस नेता इमरान मसूद ने कहा कि पार्टी को यह धारणा बदल देनी होगी कि मुस्लिम समाज केवल बीजेपी को हराने के लिए वोट करता है। उन्होंने सुझाव दिया कि कांग्रेस पार्टी को मुस्लिम समुदाय तक यह संदेश पहुंचाना चाहिए कि पार्टी ने उनके हितों के लिए काम किया है और उसी आधार पर समर्थन मांगना चाहिए। उनका मानना था कि इससे बीजेपी की बहुसंख्यक ध्रुवीकरण की राजनीति को कमजोर किया जा सकता है। (Rahul Gandhi on Modi Govt) बैठक में कुछ नेताओं ने यह भी शिकायत की कि राहुल गांधी तो अल्पसंख्यक मुद्दों पर खुलकर बोलते हैं, लेकिन पार्टी के दूसरे वरिष्ठ नेता इन मुद्दों पर उतनी मजबूती से आवाज नहीं उठाते। नेताओं ने सुझाव दिया कि कांग्रेस के अन्य बड़े नेताओं को भी राहुल गांधी की तरह मुखर होना चाहिए। इस बैठक का आयोजन कांग्रेस अल्पसंख्यक विभाग के चेयरमैन इमरान प्रतापगढ़ी ने किया। बैठक में मुस्लिम समुदाय के अलावा सिख, ईसाई, बौद्ध और जैन समुदाय के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया।














