रिपोर्ट -मिथिलेश गुप्ता
Chandauli: चंदौली, शुक्रवार। चकिया क्षेत्र के शिक्षकों ने शुक्रवार को सांसद छोटेलाल सिंह खरवार के माध्यम से प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपकर टेट परीक्षा की अनिवार्यता पर आपत्ति दर्ज कराई।
संघ के पदाधिकारियों ने ज्ञापन में कहा कि उत्तर प्रदेश में आरटीई एक्ट 29 जुलाई 2011 लागू होने से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टेट परीक्षा की अनिवार्यता से मुक्त किया जाए। (Chandauli) उन्होंने तर्क दिया कि 1 सितंबर 2025 को सर्वोच्च न्यायालय ने आदेश दिया है कि जिन शिक्षकों की सेवा 5 वर्ष से अधिक हो चुकी है, उन्हें 2 वर्ष के भीतर टेट परीक्षा उत्तीर्ण करनी होगी। वहीं, पदोन्नति के लिए भी टेट परीक्षा पास करना आवश्यक कर दिया गया है।

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अध्यक्ष अजय गुप्ता के नेतृत्व में शिक्षकों ने सांसद के आवास पर पहुंचकर ज्ञापन सौंपते हुए टेट अनिवार्यता का विरोध किया। (Chandauli) इस दौरान उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षकों के साथ नियमों के विपरीत कोई अहित हुआ तो वे “सड़क से संसद तक, बीआरसी से राजधानी तक” आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
अन्य शिक्षकों ने केंद्र सरकार से आरटीई एक्ट की धारा 23(2) में शीघ्र संशोधन करने की मांग की, ताकि शिक्षकों का आजीविका का अधिकार सुरक्षित रहे और उनके हित प्रभावित न हों।
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इस अवसर पर अध्यक्ष अजय गुप्ता, मंत्री बाबूलाल, कोषाध्यक्ष अनिल यादव, उपाध्यक्ष अशोक प्रजापति, संरक्षक ओमप्रकाश दूबे, शिवानंद सिंह, प्रदीप जैसल, अनुपमा सिंह, चंदा किरण, राधेश्याम सोनकर, सुनील पटेल समेत सैकड़ों शिक्षक उपस्थित रहे।















