Uttar Pradesh DGP: उत्तर प्रदेश को करीब चार साल बाद अपना स्थाई पुलिस महानिदेशक (DGP) मिलने जा रहा है। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में कार्यवाहक डीजीपी की जिम्मेदारी संभाल रहे राजीव कृष्ण को प्रदेश का नया स्थाई डीजीपी बनाया जा सकता है। माना जा रहा है कि राज्य सरकार जल्द ही इस संबंध में आधिकारिक घोषणा कर सकती है।
Uttar Pradesh DGP: लंबे समय तक संभालेंगे जिम्मेदारी
नियमों के अनुसार, स्थाई डीजीपी की नियुक्ति होने के बाद अधिकारी को न्यूनतम दो साल का कार्यकाल मिलता है। ऐसे में यदि राजीव कृष्ण की नियुक्ति होती है, तो वे आने वाले समय में प्रदेश पुलिस की कमान लंबे समय तक संभाल सकते हैं। वह पिछले साल जून से कार्यवाहक डीजीपी के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं।
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UPSC ने तैयार किया पैनल
स्थाई डीजीपी के चयन की प्रक्रिया के तहत उत्तर प्रदेश सरकार ने कई वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के नाम संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को भेजे थे। आयोग ने वरिष्ठ अधिकारियों की पात्रता और अनुभव का मूल्यांकन करने के बाद तीन नामों का पैनल तैयार किया। सूत्रों के अनुसार, अंतिम सूची में राजीव कृष्ण के अलावा दो अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के नाम भी शामिल किए गए। इसके बाद यह पैनल राज्य सरकार को भेज दिया गया, जहां से अंतिम निर्णय लिया जाना है।
कौन हैं राजीव कृष्ण?
राजीव कृष्ण वर्ष 1991 बैच के आईपीएस अधिकारी हैं। पुलिस प्रशासन और कानून-व्यवस्था के क्षेत्र में उन्हें लंबा अनुभव प्राप्त है। वर्तमान में वे सतर्कता विभाग (विजिलेंस) के प्रमुख और पुलिस भर्ती बोर्ड के अध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा रहे हैं। उनकी पहचान एक अनुभवी और प्रशासनिक दृष्टि से मजबूत अधिकारी के रूप में की जाती है। पुलिस विभाग में कई महत्वपूर्ण पदों पर काम करने का अनुभव उनके पास है, जिसके कारण उन्हें डीजीपी पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
चार साल से खाली था स्थाई DGP का पद
उत्तर प्रदेश में पिछले चार वर्षों से स्थाई डीजीपी की नियुक्ति नहीं हुई थी। वर्ष 2022 में तत्कालीन डीजीपी के पद से हटने के बाद से प्रदेश में कार्यवाहक डीजीपी ही नियुक्त किए जाते रहे। इस दौरान कई वरिष्ठ अधिकारियों ने कार्यवाहक डीजीपी के रूप में जिम्मेदारी संभाली। हालांकि, स्थाई नियुक्ति को लेकर लगातार चर्चा होती रही, लेकिन किसी अधिकारी को पूर्णकालिक डीजीपी नहीं बनाया गया।
कई अधिकारियों ने संभाली कमान
पिछले चार वर्षों में प्रदेश पुलिस की कमान अलग-अलग कार्यवाहक डीजीपी के हाथों में रही। एक अधिकारी के सेवानिवृत्त होने के बाद दूसरे अधिकारी को यह जिम्मेदारी सौंपी जाती रही। इसी क्रम में राजीव कृष्ण को भी कार्यवाहक डीजीपी बनाया गया था।
प्रदेश पुलिस को मिलेगा स्थाई नेतृत्व
यदि राजीव कृष्ण की नियुक्ति पर अंतिम मुहर लगती है, तो उत्तर प्रदेश पुलिस को लंबे समय बाद स्थाई नेतृत्व मिलेगा। माना जा रहा है कि इससे पुलिस प्रशासन में स्थिरता आएगी और कई महत्वपूर्ण योजनाओं को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी। अब सभी की नजरें राज्य सरकार की आधिकारिक घोषणा पर टिकी हुई हैं।














