Nepal Flood Crisis: नेपाल पहले से ही भीषण बाढ़ की मार झेल रहा है और अब भोटेकोशी नदी (Bhotekoshi River) को लेकर नई चिंता सामने आई है। रसुवा जिला प्रशासन के मुताबिक, नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ने की आवाज सुनाई दी, जिसके बाद प्रशासन अलर्ट हो गया। राहत की बात यह है कि फिलहाल नदी किनारे के इलाकों में बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा नहीं बताया गया है और पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हो रहा है।
हालांकि, हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने रसुवा, नुवाकोट और धादिंग में नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। प्रशासन लगातार हालात पर नजर बनाए हुए है और लोगों को किसी भी नई जानकारी के लिए तैयार रहने को कहा गया है।
Nepal Flood Crisis: रात करीब 3 बजे अचानक बढ़ गया था बहाव
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के मुताबिक, भोटेकोशी नदी में रात करीब 3 बजे के बाद पानी का बहाव अचानक बढ़ गया था। नदी के बढ़ते बहाव को लेकर चिंता जरूर बढ़ी, लेकिन अब पानी की रफ्तार धीरे-धीरे कम हो रही है।
नेपाल की राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (National Disaster Risk Reduction and Management Authority) ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने को कहा है। वहीं, बाढ़ पूर्वानुमान महाशाखा (Flood Forecasting Division) ने साफ किया है कि फिलहाल नदी के आसपास बड़े पैमाने पर बाढ़ का खतरा नहीं है।
इसके बावजूद प्रशासन किसी तरह का जोखिम नहीं लेना चाहता। नदी के बहाव पर लगातार नजर रखी जा रही है और नई जानकारी मिलने पर आगे का अपडेट दिया जाएगा।
बुरी तरह प्रभावित इलाकों से गुजरती है भोटेकोशी
भोटेकोशी नदी नेपाल के उन इलाकों से होकर गुजरती है, जो हाल की भीषण बाढ़ से पहले ही बुरी तरह प्रभावित हो चुके हैं। ऐसे में नदी में अचानक पानी का बहाव बढ़ने की खबर ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
प्रशासन की अपील का मकसद यही है कि नदी किनारे रहने वाले लोग सतर्क रहें और अगर हालात बिगड़ते हैं तो खतरा बढ़ने से पहले सुरक्षित जगहों पर पहुंच सकें।
रसुवा की सुरंग में करीब 600 लोग फंसे
नेपाल में बाढ़ की तबाही के बीच रसुवा में करीब 600 लोगों के एक सुरंग में फंसे होने की खबर भी सामने आई है। इन लोगों को बाहर निकालना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है।
बताया गया है कि अभी तक बड़े स्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन (Rescue Operation) शुरू नहीं हो सका है। संबंधित परियोजनाओं के मुताबिक, बचाव अभियान के लिए जरूरी कर्मचारी, विशेषज्ञ और उपकरण पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं हैं।
सरकारी स्तर पर तैयारी की कमी के चलते भी अभियान में देरी हो रही है। ऐसे में सुरंग में फंसे लोगों की स्थिति को लेकर चिंता लगातार बनी हुई है और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने की कोशिश बड़ी चुनौती बनी हुई है।
26 अगस्त की फ्लैश फ्लड ने मचाई थी तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा के पास 26 अगस्त को आई भीषण फ्लैश फ्लड (Flash Flood) ने बड़े इलाके में तबाही मचा दी थी। नेपाल पुलिस के मुताबिक, इस आपदा में अब तक 675 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 2,400 से ज्यादा लोग अभी भी लापता हैं।
खराब मौसम की वजह से राहत और खोज अभियान में भी मुश्किलें आ रही हैं। कई इलाकों तक पहुंचना और वहां राहत कार्य चलाना चुनौती बना हुआ है।
बाढ़ के पानी ने सड़कों, पुलों, बस्तियों और हाइड्रोपावर (Hydropower) से जुड़ी कई परियोजनाओं को नुकसान पहुंचाया है। कई इलाकों में लोग अब भी अपने लापता परिजनों की तलाश कर रहे हैं और तबाही के बाद हालात सामान्य होने का इंतजार कर रहे हैं।
275 से ज्यादा भारतीय अब भी लापता
नेपाल में आई इस आपदा का असर भारतीय नागरिकों पर भी पड़ा है। जानकारी के मुताबिक, 275 से ज्यादा भारतीय अभी भी लापता हैं, जबकि 108 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है।
इसके अलावा भारतीय मूल के 128 लोगों से भी कोई संपर्क नहीं हो पा रहा है। विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs) के मुताबिक, पिछले दो दिनों में 598 भारतीय नागरिक चीन के रास्ते सुरक्षित नेपाल पहुंच चुके हैं। करीब 900 भारतीय अभी चीन की तरफ हैं और उन्हें पूरी तरह सुरक्षित बताया गया है।
भारत ने भेजी राहत सामग्री की चौथी खेप
नेपाल में जारी मुश्किल हालात के बीच भारत ने राहत और बचाव अभियान में मदद के लिए राहत सामग्री की चौथी खेप भेजी है। शनिवार रात करीब 11 टन राहत सामग्री लेकर सी-130 सैन्य विमान नेपाल के लिए रवाना हुआ।
इस विमान में सुरंग में फंसे लोगों की तलाश और बचाव के लिए जरूरी उपकरणों से लैस तकनीकी टीम भी शामिल है। डीएनए जांच (DNA Testing) में मदद के लिए फोरेंसिक विशेषज्ञ (Forensic Experts) भी भेजे गए हैं।
राहत सामग्री में कंबल, स्लीपिंग बैग (Sleeping Bags), तिरपाल, प्लास्टिक शीट और हाइजीन किट (Hygiene Kits) भी शामिल हैं। इन सामानों को बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद के लिए भेजा गया है।
फिलहाल बड़े बाढ़ के खतरे से इनकार
भोटेकोशी नदी में पानी का बहाव अचानक बढ़ने की खबर ने नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। हालांकि, फिलहाल नदी के आसपास बड़े पैमाने पर बाढ़ के खतरे से इनकार किया गया है।
पानी का बहाव धीरे-धीरे कम हो रहा है, लेकिन प्रशासन किसी भी संभावित बदलाव पर नजर बनाए हुए है। रसुवा, नुवाकोट और धादिंग के नदी किनारे रहने वाले लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
नेपाल इस समय भीषण आपदा से जूझ रहा है। कई परिवार अपने लोगों को खो चुके हैं, जबकि हजारों लोग अब भी लापता हैं और सैकड़ों लोग मुश्किल हालात में फंसे हुए हैं। ऐसे में भोटेकोशी नदी के बहाव में अचानक आई तेजी ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है, भले ही फिलहाल बड़े बाढ़ के खतरे की आशंका नहीं जताई गई है।










