Balaghat News: नक्सल प्रभावित 100 गांवों और 270 बैगा बसाहटों के विकास में एनजीओ निभाएंगे अहम भूमिका !

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Balaghat News: बालाघाट, 03 नवंबर 2026। जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों और 270 बैगा बसाहटों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने तथा वहां जनकल्याणकारी गतिविधियों को गति देने के लिए जिला प्रशासन अब अशासकीय संस्थाओं (एनजीओ) और फाउंडेशन का भी सहयोग लेगा। इस संबंध में कलेक्टर श्री आदित्य सिंह ने 3 नवंबर को महिला एवं बाल विकास, स्वास्थ्य तथा कृषि क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ एवं फाउंडेशन के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की। उन्होंने सभी संस्थाओं से उनके अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर इन क्षेत्रों के विकास के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करने को कहा।

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कलेक्टर श्री सिंह ने एनजीओ प्रतिनिधियों से उनके संस्थानों द्वारा वर्तमान में संचालित गतिविधियों और आगामी कार्ययोजनाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि जिले के नक्सल प्रभावित रहे 100 गांवों और 270 बैगा बसाहटों में विकास एवं जनकल्याण से जुड़े कार्यों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए सभी संस्थाएं अपनी भूमिका निर्धारित करें। इसके लिए आगामी 15 दिनों में विस्तृत प्रोजेक्ट तैयार कर जिला प्रशासन के समक्ष प्रस्तुत करें।

कलेक्टर श्री सिंह ने कहा कि इन क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आजीविका संवर्धन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में व्यापक संभावनाएं हैं। एनजीओ अपने अनुभव और विशेषज्ञता के आधार पर ऐसे नवाचारपूर्ण कार्य सुझाएं, जिनसे ग्रामीणों को सीधे लाभ मिल सके। जिला प्रशासन की ओर से इन कार्यों के क्रियान्वयन में यथासंभव सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक शासन की योजनाओं और विकास गतिविधियों का लाभ पहुंचाया जा सके।

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मुनगा उत्पादन से लेकर बांस आधारित रोजगार तक के सुझाव

बैठक में एनजीओ एवं फाउंडेशन के प्रतिनिधियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के विकास और आजीविका संवर्धन के लिए कई उपयोगी सुझाव दिए। इनमें मुनगा (सहजन) के उपयोग को प्रोत्साहित करने तथा प्लांटेशन के माध्यम से इसका उत्पादन बढ़ाने, पराली से फर्नीचर तैयार करने, कुपोषण की समस्या में सुधार लाने और बांस आधारित गतिविधियों को बढ़ावा देकर ग्रामीणों की आय बढ़ाने जैसे सुझाव प्रमुख रहे।

कलेक्टर श्री सिंह ने इन सुझावों को उपयोगी बताते हुए संस्थाओं से कहा कि वे अपने प्रस्तावों में गतिविधियों के साथ उनके क्रियान्वयन की रूपरेखा भी स्पष्ट करें, ताकि योजनाओं को धरातल पर उतारकर ग्रामीणों को रोजगार एवं आजीविका के नए अवसर उपलब्ध कराए जा सकें। बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग के जिला कार्यक्रम अधिकारी श्री डी.के. सुन्द्रियाल, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. शत्रुघ्न सिंह दाहिया, उप संचालक कृषि श्री फूल सिंह मालवीय सहित विभिन्न एनजीओ एवं फाउंडेशन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

लोकेशन-  बालाघाट ( मध्य प्रदेश )
रिपोर्ट-  दिलीप जामरे

 

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