Uttarkashi Tunnel Collapse: उत्तराखंड के उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर निर्माणाधीन सिलक्यारा सुरंग में 14वें दिन भी बचाव अभियान जारी है। सुरंग में फंसे 41 मजदूरों को बचाने के लिए अब करीब 10 मीटर की ड्रिलिंग और बाकी है। सूत्रों के मुताबिक, अगर फिर से ऑगर मशीन में खराबी आती है, तो आधुनिक उपकरणों से मैनुअल ड्रिलिंग की भी मदद ली जा सकती है।
उत्तरकाशी: मजदूरों को बचाने के लिए अब होगी वर्टिकल ड्रिलिंग, रेस्क्यू टीमें सुरंग के ऊपर पहुंचीं. #india24x7livetv #NewsUpdate #UttarkashiRescue pic.twitter.com/vVfAGkmurg
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शुक्रवार को लोहे का सरिया आने से बचाव अभियान फिर बाधित हो गया था। शनिवार को भी ऑगर से ड्रिलिंग करते वक्त सरिया का जाल फंसने से ऑपरेशन के सामने बड़ी चुनौती आ गई। ऑगर मशीन 10 मीटर की ड्रिलिंग के दौरान बंद हो गई। थोड़ी देर में होने वाली एक हाई लेवल की मीटिंग में वर्टिकल ड्रिलिंग के बारे में फैसला लिया जा सकता है। ऑगर मशीन चलाने में अब भी दिक्कत है। इसलिए SJVNL वर्टिकल ड्रिलिंग को लेकर फैसला कर सकता है। इस हाई लेवल की मीटिंग में पूरे रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर चर्चा होगी।
Uttarkashi Tunnel Collapse: यह बहुत कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियान है
बचाव अभियान का विवरण देते हुए अधिकारियों ने रेस्क्यू के 13वें दिन कहा कि यदि किसी तरह की कोई बाधा नहीं आई तो ऑगर मशीन से एक घंटे में लगभग 4-5 मीटर तक की ड्रिल की जा सकती है। यह बहुत कठिन और चुनौतीपूर्ण अभियान है। वहीं मीडिया को भी सलाह दी गई है कि बचाव अभियान पूरा होने की समय सीमा के बारे में अटकलें न लगाएं, क्योंकि इससे गलत धारणा पैदा होती है। देश-विदेश से लोग बचाव अभियान में जुटे लोगों के लिए दुआ कर रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही सभी मजदूरों को सकुशल बाहर निकाल लिया जाएगा।










