Gonda News : उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक महिला को शादी के बीस साल बाद उसके पति ने तीन तलाक दे दिया है। पीड़ित महिला का कहना है कि उसने अपने सगे भाई की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी। किडनी दान करने से उसका पति नाराज हो गया है। इसके बाद नाराज पति ने सऊदी अरब से व्हाट्सएप के जरिए तीन तलाक का मैसेज भेज दिया। महिला ने तहरीर देकर न्याय की गुहार लगायी है। एसपी के आदेश पर पुलिस ने आरोपी पति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
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जानकारी के मुताबिक ये पूरा मामला गोंडा जिले के धानेपुर थाना क्षेत्र का है। ग्राम पंचायत पूरे नवल पहड़वा के मजरा बौरियाही की रहने वाली तरन्नुम का निकाह बीस साल पहले जैतापुर गांव के रहने वाले अब्दुल रशीद उर्फ मो. राशिद के साथ हुआ था। बताया जाता है कि काफी समय तक दोनों के बीच कोई संतान नहीं हुई तो, उसने अपनी पहली पत्नी तरन्नुम की सहमति के बाद दूसरा निकाह कर लिया। जिससे बच्चे भी हैं। राशिद सऊदी अरब नौकरी करने चला गया, इधर सब कुछ ठीक चल रहा था। लेकिन 6 महीने पहले तरन्नुम का बड़ा भाई शाकिर काफी बीमार हो गया और उसकी दोनों किडनी खराब हो गई।

Gonda News : पति की सहमति के बाद दान की किडनी
तरन्नुम ने जिंदगी मौत से जूझ रहे अपने भाई को किडनी दान कर दी। तरन्नुम का कहना है कि उनसे अपने पति की सहमति के बाद ही किडनी दान की। लेकिन, कुछ दिनों बाद राशिद ने फोन किया और किडनी दान करने पर नाराजगी जताते हुए मायकेवालों से 40 लाख रूपयों की मांग की। ऐसा करने से इनकार करने पर शौहर ने तलाक तलाक तलाक कहकर तीन तलाक दे दिया। फिर कागज में लिखकर व्हाटसएप कर दिया। तरन्नुम का कहना है कि इस उम्र में पति ने तलाक देकर उनकी जिंदगी बर्बाद कर दी है।

Gonda News : एसपी के निर्देश पर दर्ज हुआ मुकदमा
तरन्नुम का कहना है कि उन्होने धानेपुर थाना में तहरीर देकर न्याय की गुहार लगायी थी। लेकिन, पुलिस ने तहरीर मिलने पर पांच बाद पति के वापस भारत लौटने पर समझौता कराने की बात कहकर मामला टाल दिया था। इसके बाद वह अपने मायके में रह रही है। पीड़िता का कहना है कि स्थानीय थाने से न्याय न मलने पर तत्कालीन पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल से मिलकर न्याय की गुहार लगायी थी। जिस पर एसपी ने धानेपुर पुलिस को मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने का आदेश दिया था।

मामले में धानेपुर थाना प्रभारी राकेश कुमार सिंह ने बताया कि पीड़िता की तहरीर पर आरोपी पति के खिलाफ धारा 342, 498ए, 504, 506, 304बी और 294 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। यह मामला इंसानियत और क्रूरता का एक जीता जागता उदाहरण है। एक महिला ने अपने भाई की जान बचाने के लिए अपनी किडनी दान कर दी, लेकिन उसके पति ने इस मानवीय कार्य पर नाराज होकर उसे तीन तलाक दे दिया। यह घटना एक बड़ी चुनौती है कि समाज में महिलाओं के प्रति सम्मान और उनकी सुरक्षा को कैसे सुनिश्चित किया जाए।










