Parliament Security Breach: उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय में चल रहे संसद भंग करने के मामले में एक आरोपी ने दलील दी कि उसके पास कोई वकील नहीं है। इस पर कोर्ट ने लीगल सेल को आदेश दिया कि वह आरोपी को वकील मुहैया कराए।
मामले की सुनवाई करते हुए न्यायाधीश ने आरोपी से पूछा कि क्या उसके पास कोई वकील है? इस पर आरोपी ने कहा कि उसके पास कोई वकील नहीं है।
न्यायाधीश ने कहा कि प्रत्येक आरोपी को कानूनी सहायता का अधिकार है। (Parliament Security Breach) इसलिए, लीगल सेल को आरोपी को वकील मुहैया कराने के लिए निर्देशित किया जाता है।
इस मामले में आरोपी पर संसद भंग करने का आरोप है। आरोप है कि आरोपी ने संसद भंग करने के लिए सोशल मीडिया पर पोस्ट डाली थी।
मामले की अगली सुनवाई 2 जनवरी, 2024 को होगी।
इस आदेश से यह स्पष्ट होता है कि कोर्ट आरोपियों को कानूनी सहायता देने के लिए प्रतिबद्ध है।

Parliament Security Breach: छह लोग हिरासत में
13 दिसंबर को संसद की सुरक्षा में सेंध लगाकर हंगामा करने के मामले में महेश के अलावा पांच अन्य लोग गिरफ्तारी के बाद हिरासत में हैं. (Parliament Security Breach) इनमें से मैसूर का रहने वाला मनोरंजन डी, लखनऊ का सागर शर्मा, हरियाणा की नीलम आजाद, महाराष्ट्र के लातूर का अमोल शिंदे, और बिहार के दरभंगा का रहने वाला ललित झा शामिल है. इन लोगों ने 13 दिसंबर को संसद भवन में घुसकर हंगामा खड़ा किया था.
ललित झा की निशानदेही पर जले हुए फोन की बरामदगी के बाद, पुलिस ने पहले से दर्ज एफआईआर में आईपीसी की धारा 201 (सबूत नष्ट करना/साक्ष्य गायब करना) जोड़ने का फैसला किया है. झा ने संसद के बाहर अमोल और नीलम के विरोध प्रदर्शन का वीडियो बनाने के बाद इसे कई लोगों के साथ शेयर भी किया और उन्हें इसे प्रसारित करने के लिए कहा.










