अस्पताल में कोरोना मरीज की मौत होने के बाद, अस्पताल ने क‍िया ‘ड‍िस्‍चार्ज’, परिजन शव को पैदल ही ले जाते दिखें

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उत्‍तर प्रदेश के हरदोई जिले से एक शर्मसार करने वाला वीड‍ियो वायरल हो रहा है. इस वीड‍ियो में कोविड संक्रमित मरीज की मौत होने के बाद उसके शव को परिजन पैदल ही ले जाते दिख रहे हैं. इतना ही नहीं पर‍िवारवालों का आरोप है क‍ि अस्‍पताल प्रशासन ने मरीज की मौत के बाद उसका डेथ सर्ट‍िफ‍िकेट जारी नहीं क‍िया बल्‍क‍ि उसे अस्‍पताल से ड‍िस्‍चार्ज क‍िया है. वहीं सोशल मीडिया पर यह वीडियो वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग मरीज के तीमारदारों पर ही तोहमत लगा रहा है. एसीएमओ का कहना है कि मरीज के तीमारदार ने शव वाहन नही मांगा होगा.

यूपी सरकार के मुखिया कोविड अस्पतालों में व्यवस्थाएं चुस्त-दुरुस्त रखने के निर्देश दे रहे है, लेकिन अधिकारी दावों पर पलीता लगा रहे है. हरदोई में लखनऊ रोड पर स्थित कोविड एल 2 अस्पताल की संवेदनहीनता की ऐसी ही तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई हैं. दरअसल 16 मई को हरपालपुर थाने के बमटापुर नंदबाग गांव के रहने वाले संजय कुमार की तबीयत बिगड़ने के बाद उनके परिजन उनको लेकर जिला अस्पताल आए थे, जहां पर एंटीजन जांच में कोविड पॉजिटिव आने के बाद उनको एल 2 कोविड अस्पताल रेफर किया गया था. कोविड अस्पताल में पहुंचने के बाद करीब 1 घंटे बाद संजय कुमार की मृत्यु हो गई.

परिजनों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने उनकी डेड बॉडी को डेड बॉडी बैग में रख दिया और जिला अस्पताल की बीएसटी ही उनके हाथ में थमा दी और शव ले जाने को बोल दिया, जबकि वह लोग डेथ सर्टिफिकेट और शव ले जाने के लिए एंबुलेंस की मांग करते रहे थे, लेकिन अस्पताल प्रशासन ने उनकी कोई मांग नहीं सुनी. इतना ही नहीं पर‍िवार का आरोप है क‍ि अस्‍पताल ने मरीज की मौत के बाद उसका डेथ सर्ट‍िफ‍िकेट जारी नहीं क‍िया. उन्‍होंने मरीज की मौत के बाद उसे अस्‍पताल से ड‍िस्‍चार्ज क‍िया. इसके बाद मजबूरी में उन्हें डेड बॉडी बैग में शव को अस्पताल से पैदल ले जाने के लिए मजबूर होना पड़ा. रास्ते में मौजूद पुलिस ने जब कोविड अस्पताल से डेड बॉडी को पैदल ले जा रहे इन लोगों को देखा तो एक निजी एंबुलेंस मंगवा कर शव को उनके गांव तक भिजवाया.

परिजनों ने इस पूरे वाकये का वीडियो बनाकर अस्पताल प्रसाशन आरोप लगाकर वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल किया है, जिसमें उन्होंने अपने पेशेंट के मामले में डॉक्टरों का और अस्पताल प्रशासन के स्टॉफ का रवैया पूरी तरह गैर जिम्मेदाराना होने का आरोप लगाया है.
अस्पताल के प्रभारी अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ स्वामी दयाल ने मरीज के परिजन को ही दोषी ठहराने में जुट गए. उनकी माने तो उन्होंने इस मरीज के मामले में पूरी जानकारी ली थी और उसकी मौत के बाद उसके शव को डेड बॉडी बैग में रखवा दिया गया था लेकिन मरीज के तीमारदार ने एंबुलेंस की भी नहीं मांग की और अपने आप शव को लेकर चले गए

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