उज्ज्वला योजना 2.0: पीएम मोदी का एलान, अब गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं

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उत्तर प्रदेश के महोबा में गरीबी रेखा से नीचे जीवनयापन करने वाले गरीब परिवारों के लिए उज्ज्वला 2.0 का प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीरभूमि महोबा से वर्चुअल शुभारंभ किया। बटन दबते ही उज्ज्वला योजना का दूसरा चरण शुरू हो गया। इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि एक करोड़ महिलाओं के जीवन को बदलने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने एलान करते हुए कहा कि अब गैस कनेक्शन के लिए एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं पड़ेगी। जानिए पीएम मोदी ने अपने भाषण के दौरान क्या-क्या कहा-

पीएम ने कहा अब देश मूल सुविधाओं की पूर्ति से, बेहतर जीवन के सपने को पूरा करने की तरफ बढ़ रहा है। आने वाले 25 साल में इस सामर्थ्य को हमें कई गुना बढ़ाना है। समर्थ और सक्षम भारत के इस संकल्प को हमें मिलकर सिद्ध करना है। इसमें बहनों की विशेष भूमिका होने वाली है।
बायोफ्यूल एक स्वच्छ ईंधन मात्र नहीं है। बल्कि ये ईंधन में आत्मनिर्भरता के ईंजन को, देश के विकास ईंजन को, गांव के विकास ईंजन को गति देने का भी एक माध्यम है। बायोफ्यूल एक ऐसी ऊर्जा है जो हम घर और खेत के कचरे से, पौधों से, खराब अनाज से प्राप्त कर सकते हैं।
उन्होंने कहा बुंदेलखंड सहित पूरे यूपी और दूसरे राज्यों के हमारे अनेक साथी, काम करने के लिए गांव से शहर जाते हैं, दूसरे राज्य जाते हैं। लेकिन वहां उनके सामने एड्रेस के प्रमाण की समस्या आती है। ऐसे ही लाखों परिवारों को उज्ज्वला 2.0 योजना सबसे अधिक राहत देगी।
अब मेरे श्रमिक साथियों को एड्रेस के प्रमाण के लिए इधर-उधर भटकने की जरूरत नहीं है। सरकार को आपकी ईमानदारी पर पूरा भरोसा है। आपको अपने पते का सिर्फ एक सेल्फ डेक्लेरशन, यानि खुद लिखकर देना है और आपको गैस कनेक्शन मिल जाएगा।

बहनों के स्वास्थ्य, सुविधा और सशक्तिकरण के इस संकल्प को उज्ज्वला योजना ने बहुत बड़ा बल दिया है। योजना के पहले चरण में 8 करोड़ गरीब, दलित, वंचित, पिछड़े, आदिवासी परिवारों की बहनों को मुफ्त गैस कनेक्शन दिया गया। इसका कितना लाभ हुआ है, ये हमने कोरोना काल में देखा है।
हमारी बेटियां घर और रसोई से बाहर निकलकर राष्ट्रनिर्माण में व्यापक योगदान तभी दे पाएंगी, जब पहले घर और रसोई से जुड़ी समस्याएं हल होंगी। इसलिए, बीते 6-7 सालों में ऐसे हर समाधान के लिए मिशन मोड पर काम किया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत देशभर में करोड़ों शौचालय बनाए गए हैं।
बीते साढ़े 7 दशकों की प्रगति को हम देखते है तो हमें जरूर लगता है कि कुछ स्थितियां, कुछ हालात ऐसे हैं जिनको कई दशक पहले बदला जा सकता था। घर, बिजली, पानी, शौचालय, गैस, सड़क, अस्पताल, स्कूल, ऐसी अनेक मूल आवश्यकताएं है जिनकी पूर्ति के लिए दशकों का इंतज़ार देशवासियों को करना पड़ा।

गरीब के घर का चूल्हा हमेशा जलता रहे। जितनी भी याेजनाएं है, उन सभी का लाभ गरीबों को मिलता रहे। आज आप सभी माताओं-बहनों से बात करने का मौका मिला। मुझे खुशी है थोड़े दिन बात रक्षाबंधन का पावन पर्व आ रहा है। मुझे पहले ही आप सभी बहनों से बात करके आपका आर्शीवाद प्राप्त हुआ है।
उज्ज्वला योजना ने देश की जितनी महिलाओं का जीवन रोशन किया है वो अभूतपूर्व है। ये योजना 2016 में मंगल पांडे की धरती बलिया से शुरू हुई थी। आज उज्ज्वला योजना के दूसरे चरण की शुरुआत भी वीर भूमि महोबा से हो रही है। आज मैं बुंदेलखंड की एक और महान संतान को याद कर रहा हूं। मेजर ध्यान चंद, हमारे दद्दा ध्यानचंद। देश के सर्वोच्च खेल पुरस्कार का नाम अब मेजर ध्यान चंद खेल रत्न पुरस्कार हो गया है।

इस ओलंपिक में हमारे खिलाड़ियों ने मेडल तो जीते ही साथ ही अपने उम्दा प्रदर्शन से भविष्य को सुनहरा करने का मौका दिया है। पीएम मोदी ने कहा कि बीते साढ़े 7 दशकों की प्रगति को हम देखते है तो हमें जरूर लगता है कि कुछ स्थितियां, कुछ हालात ऐसे हैं जिनको कई दशक पहले बदला जा सकता था। घर, बिजली, पानी, शौचालय, गैस, सड़क, अस्पताल, स्कूल, ऐसी अनेक मूल आवश्यकताएं है जिनकी पूर्ति के लिए दशकों का इंतज़ार देशवासियों को करना पड़ा।

पीएम मोदी ने लाभार्थी से पूछा-बंदी जी बताइए जब घर में गैस नहीं थी तो जीवन कैसा था उज्ज्वला से क्या लाभ हुआ है। इस पर बूंदी देवी ने कहा कि जब यह योजना नहीं थी तो मैं जंगल से लकड़ी लाती थी। खाना नहीं बनता था। आंखों से आंसू निकलते थे। मैं बहुत परेशान होती थी। मैं आपका धन्यवाद करती हूं।

पीएम मोदी ने पूछा- बूंदी जी मुझे बताया गया कि आप ने अभी तक बाइस सिलेंडर रिफिल करवाए हैं, आप ने इस योजना का पूरा लाभ उठाया है। क्या आप ने किसी को बताया कैसे इस योजना का लाभ ले सकते हैं। बूंदी ने बताया कि मैंने सबको बताया है कि कैसे इस योजना का लाभ कैसे ले सकती हैं।

पीएम मोदी ने लाभार्थी से पूछा- बूंदी जी आप अपने पिता की इतनी सेवा करती हैं। मैं आपको प्रणाम करता हूं कि आप ने इस बात काे झुठला दिया कि सिर्फ बेटे ही माता-पिता की सेवा करते हैं। आप ने इस बात को गलत साबित किया है। आप पूरे देश के लिए प्रेरण हैं।

इसके बाद, पीएम मोदी ने गोवा की एकता चोपड़ेकर से बात की। पीएम मोदी ने पूछा एकता जी आप गैस का कनेक्शन इस्तेमाल कर रही हैं आप को धुएं से राहत मिली है। अब कैसा लगता है।

एकता ने बताया कि यहां बारिश की वजह से लड़कियां जंगल में सूखी नहीं मिलती थी। जिससे बहुत दिक्कत होती थी। इस योजना के लाभ से खाना जल्दी बन जाता है। बचा हुआ समय बच्चों को देती हूं।

पीएम मोदी ने गोरखपुर से किरन देवी से संवाद किया। पीएम मोदी ने पूछा किरन जी आप ने अपने साथ किसे बिठाया है। तो उन्होंने कहा कि यह मेरी बेटी साधना है। पीएम ने पूछा कि परिवार में कौन-कौन हैं और क्या काम करते हैं। गैसे मिलती है इस बात का पता कैसे चला।

किरने देवी ने बताया कि गांव में कैंप लगाकर गैस कनेक्शन के बारे में बताया। पीएम ने पूछा बेटी पढ़ लिख रही है तो आप उसे खाना बनाना भी सिखाती होंगी। इस पर किरन ने कहा कि जी सिखाती हूं जब गैस खत्म हो जाती है तो वो खाना बनाने के लिए तैयार नहीं होती है। लाॅकडाउन में पैसा फंस गया है। आपसे अनुरोध है कुछ करिए।

ममता, मंजू, सीमा कुमारी, सुमन और रजिया बेगम समेत दस महिलाओं को इस योजना का लाभ सीएम योगी द्वारा दिया गया है।

कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप पुरी ने कहा कि उज्ज्वला योजना के तहत उत्तर प्रदेश में डेढ़ करोड़ नए कनेक्शन दिए गए हैं। पेट्रोलियम मंत्री ने कि उज्ज्वला 2.0 की शुरुआत महोबा की वीर भूमि से हो रही है। उन्होंने कहा उज्ज्वला योजना महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाएगी। यह योजना महिलाओं के जीवन को उज्ज्वल कर रही है। उनका सामाजिक और स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। उज्ज्वला योजना में प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष प्रावधान किया गया है। 2016 में 55 फीसद लोगों के पास कनेक्शन थे आज सभी के पास हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यानाथ ने कहा कि उज्ज्वला योजना के जरिए उत्तर प्रदेश की महिलाओं के जीवन में नया सवेरा हुआ है। पीएम मोदी की इस योजना से करोड़ों महिलाओं का जीवन बदल गया है। आज से छह वर्ष पूर्व बलिया की धरती से उज्ज्वला योजना को शुरू किया था, इस योजना ने सभी नागरिकों के जीवन मे बदलाव लाने का कार्य किया। पहले चरण में डेढ़ करोड़ लाभार्थियों को इसका लाभ मिला।

रसोई गैस देने के लिए ये एक दिवास्वप्न तरीके था, लेकिन सफलता पूर्वक ये सपना सच हुआ, नारी सशक्तिकरण का कार्य पूरा हुआ। उत्तर प्रदेश में उज्ज्वला योजना के साथ 2 करोड़ 61 लाख घरों में शौचालय का निर्माण हुआ।

इसके साथ साथ प्रधानमंत्री मोदी की प्रेरणा से बालिकाओं के जन्म से लेकर शिक्षा, और फिर उनके विवाह के कार्यक्रम चल रहे हैं, बुंदेलखंड के सभी जिलों को छूते हुए जो एक्सप्रेस वे का निर्माण चल रहा है, मुझे विश्वास है कि नवंबर 2021 में ये एक्सप्रेस वे पूरा हो जाएगा।

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