एक देश एक पेंशन प्रणाली का समर्थन-लोकतंत्र शुक्ल ,मुख्य सचिव महोदय का एक पत्र न्यू पेंशन योजना की तारीफ से आच्छादित, नई पेंशन योजना के लच्छेदार आकड़ो से लैस आया है उसमें NPS को OPS से अच्छा बताया गया है जिस पर विचार रखते हुए उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ बछरावां के वरिष्ठ उपाध्यक्ष लोकतंत्र शुक्ल ने कहा कि आखिर आज क्यो जरूरत पड़ गयी NPS पर सफाई देने की , क्योकि हम सही दिशा में जा रहे है,यह हताशा है यह डर है, यह हमारी आप शिक्षक एकता की बुलन्दी है जो आज हर मंच पर सुनी जा रही है ऐसा नही की सरकार के पास खबर नही ,सब खबर है यह मुद्दा निर्णायक होगा, पर हमें आपको अंतिम समय तक OPS के लिए डटे रहना है। हम तो कहते है कि हमें खराब वाली OPS के ही दायरे में कर दिया जाए, विधायिका से निवेदन है कि अच्छी वाली NPS वह खुद ले ले। हम सबको सबसे खराब पुरानी पेंशन योजना दे दे हमे वही मंजूर है।यदि एन पी एस ज्यादा लाभकारी है तो मा०सांसदों,विधायकों,मा०न्यायाधीशों व सशस्त्रबलों को इस लाभ से अब तक वंचित क्यों रखा गया है ? एक देश में दो तरह की पेंशन प्रणाली नहीं चल सकती। या तो सबको पुरानी पेंशन दी जाए अथवा सबको नई पेंशन दी जाए।
संघ के मंत्री उमेश कुमार ने कहा कि यदि NPS ज्यादा लाभकारी है तो आप वो आँकड़ा जारी करें कि-कितने लोगों ने OPS को छोड़कर NPS लिया। PFRDA ACT-2013 में ऐसी व्यवस्था है।
चुनावी दौर में इस प्रकार की यह आदर्श गणना प्रस्तुत कर पेंशन विहीनों को भ्रमित करने का कुत्सित प्रयास है।कर्मचारी इससे विचलित होने वाला नहीं है।उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ का प्रत्येक सदस्य इस प्रकार की भृमित करने वाली सूचना को स्वीकार नहीं करता है तथा प्रदेश अध्यक्ष सम्माननीय दिनेश चंद्र शर्मा जी के नेतृत्व में पुरानी पेंशन प्राप्त होने तक संघर्ष जारी रखेगा।हमें विश्वास है कि उत्तर प्रदेश का शिक्षक कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के मुद्दे पर एक जुट है।और संघर्ष में अग्रणी भूमिका निभाएगा।
रिपोर्ट : राम सुमेर









