तालिबान के समर्थन में बयान देने वाले सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने अपने ऊपर मुकदमा दर्ज होने के बाद मामले में सफाई दी है। सपा सांसद ने कहा, ”मैंने ऐसा (तालिबान की तुलना भारतीय स्वतंत्रता सेनानियों से करना) कोई भी बयान नहीं दिया। मेरे बयान का गलत अर्थ निकाला गया है। मैं भारत का नागरिक हूं, अफगानिस्तान का नहीं। वहां क्या हो रहा है, इससे मेरा कोई लेना-देना नहीं। मैं अपनी सरकार की नीतियों का समर्थन करता हूं।” बता दें, तालिबान के समर्थन पर बयान देने के आरोप में सपा सांसद शफीकुर्रहमान बर्क समेत दो लोगों के खिलाफ देशद्रोह की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। एसपी संभल चक्रेश मिश्रा ने मुकदमा लिखे जाने की पुष्टि की है।
एसपी चक्रेश मिश्रा ने बताया कि 17 अगस्त की देर शाम कोतवाली में शिकायत दी गई कि सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने तालिबान की तुलना भारत के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों से की है। ऐसे बयान राजद्रोह की श्रेणी में आते हैं। इसलिए उनके खिलाफ राजद्रोह, 153ए और 295 आईपीसी की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। सांसद के अलावा दो अन्य लोगों ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो में ऐसी ही बातें कही हैं। उनके खिलाफ भी केस दर्ज कर लिया गया है।
समाजवादी पार्टी सांसद शफीकुर्रहमान बर्क ने अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे को सही ठहराते हुए कहा था कि अफगानिस्तान की आजादी अफगानिस्तान का अपना मामला है। अफगानिस्तान में अमेरिका की हुक्मरानी क्यों? उन्होंने कहा कि तालिबान वहां की ताकत है। अमेरिका रूस के तालिबान ने पैर नहीं जमने दिए। तालिबान की अगुवाई में अफगान आजादी चाहते हैं। भारत में भी अंग्रेजों से पूरे देश ने लड़ाई लड़ी थी। रहा सवाल हिंदुस्तान का तो यहां कोई कब्जा करने अगर आएगा उससे लड़ने को देश मजबूत है।









