कानपुर हिंसा में अब तक 35 लोगों को किया गिरफ्तार, जानें अब कैसे हैं हालात

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लखनऊ. कानपुर में शुक्रवार को भड़की हिंसा के बाद पुलिस की सख्ती के चलते शनिवार को हालात पूरी तरह सामान्य हैं. दरअसल पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ ‘अपमानजनक’ टिप्पणियों के विरोध में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद यहां हिंसा भड़क गई थी. यहां दुकानें बंद कराने की कोशिश के दौरान दो समुदायों के लोगों द्वारा एक-दूसरे पर पथराव और बम फेंके जाने के सिलसिले में पुलिस ने अभी तक 18 लोगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने बताया कि कानपुर के परेड, नई सड़क और यतीमखाना इलाके में हिंसा हुई. पुलिस कमिश्नर विजय मीणा का कहना है कि दुकानों में लगे सीसीटीवी के डीवीआर मिलने के बाद सभी आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. पुलिस कमिश्नर ने इसके साथ ही कहा कि इस मामले में तीन एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें 2 पुलिस की तरफ से और एक पीड़ित पक्ष की तरफ से तहरीर प्राप्त होने के बाद मुकदमा दर्ज किया गया है. पुलिस कमिश्नर का कहना है कि शहर में स्थितियां सामान्य है और आज सभी दुकानें विधिवत तरीके से खोली जाएंगी. वहीं राष्ट्रपति का कार्यक्रम घटनास्थल से महज 300 मीटर दूरी पर होना है वहां भी सुरक्षा के कड़े इंतजाम हैं।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बीजेपी की प्रवक्ता नूपुर शर्मा द्वारा हाल ही में टीवी पर चर्चा के दौरान पैगंबर मोहम्मद के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में जब एक समूह के लोगों ने जबरन दुकानें बंद कराने का प्रयास किया तो दोनों पक्षों ने ना सिर्फ एक-दूसरे पर बम फेंके, बल्कि गोलियां भी चलाईं. जबरन दुकानें बंद कराने का प्रयास कर रहे लोगों की पुलिस के साथ भी झड़प हुई. पुलिस को भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठी चार्ज करना पड़ा।

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