कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों ने पंजाब में निकाला मार्च, ट्रैक्टरों का 10 किमी लंबा काफिला

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केंद्र सरकार के तीन नए कृषि कानून के खिलाफ चल रहे किसान संगठनों का आंदोलन अब पंजाब में व्यापक स्तर पर देखा गया है। यहां हजारों किसान प्रदर्शनकारियों ने अमृतसर एवं गुरदासरपुर में ट्रैक्टर मार्च निकाला। उन्होंने कृषि कानून वापस लेने की मांग की। किसानों के साथ यहां अमृतसर यूनिवर्सिटी स्थित यूनिवर्सिटी के पूर्व कुलपति, रिटायर्ड अफसर तथा प्रोफेसर आदि भी शामिल हुए। होली सिटी फार्मर्स ग्रुप के नेतृत्व में निकाले गए मार्च में 650 से अधिक ट्रैक्टर तथा 250 के करीब लग्जरी गाड़ियां शामिल हुईं। बताया जा रहा है कि, इस दरम्यान प्रदर्शनकारियों के हाथों में कई तरह के झंडे थे।

किसान संगठन के एक पदाधिकारी ने बताया कि, केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निकाले गए ट्रैक्टर मार्च में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए। उन्होंने कहा कि, पंजाब में किसानों का यह बहुत बड़ा प्रदर्शन था। ट्रैक्टर मार्च की लंबाई लगभग 10 किलोमीटर रही। जिसके चलते यातायात व्यवस्था चरमराई रही।

एक बुजुर्ग प्रदर्शनकारी ने बताया कि, कृषि कानूनों के खिलाफ किसान दिल्ली की सीमा पर अक्सर ट्रैक्टर रैली करते रहे हैं..मगर अब पंजाब में भी किसान सड़कों पर हैं। उन्होंने कहा कि, जो किसान आंदोलन में साथ देने के लिए दिल्ली नहीं जा पाए..उन्होंने पंजाब के विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन कर अपनी ताकत दिखाई है। अमृतसर में शिरोमणि अकाली दल ने भी विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लिया।

पंजाब के गुरदासपुर के निकट कलानौर में भी किसान प्रदर्शनकारी जुटे। इस दौरान महिला प्रदर्शनकारियों ने ऐला किया कि, हमारा विरोध मोदी सरकार के कृषि कानून रद्द होने तक जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि, 27 सितंबर के भारत बंद को लेकर टी-प्वाइंट कलानौर में चक्का जाम किया जाएगा। बताया जा रहा है कि, बीते रोज बस स्टैंड के नजदीक प्रधानमंत्री माेदी का पुतला जलाकर राेष प्रदर्शन किया गया। इस दौरान सरबजीत काैर, कंवलजीत काैर, कुलदीप काैर, मनजिंदर काैर, मनजीत काैर, परमजीत काैर, कुलवंत काैर, मनजीत काैर आदि ने सरकार को खूब कोसा।

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