कोरोना और वायरस का प्रकोप: दुनिया के करोड़ों और जान लाख लेने वाली ये महामारी जिनके प्रकोप ने बदल दिया इतिहास

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मानवीय इतिहास में रोग और महामारियों ने बड़ी भूमिका निभाई है। हर महामारी के बाद एक नया सूरज निकलता है और मानव सभ्यता नई राहों पर बढ़ जाती है। कोरोना वायरस के प्रकोप के समय हमें इसी उम्मीद और धैर्य के साथ आगे बढ़ना चाहिए। महामारियों ने हमारे वर्तमान को प्रभावित किया है और कोविड-19 हमारे भविष्य को लेकर चिंतित कर रहा है।दुनिया को बदल देने वाली ऐसी ही पांच महामारियां हैं। हैती में 1801 में यूरोपीय औपनिवेशिक ताकतों के खिलाफ गुलामों ने बगावत कर दी और इसके परिणामस्वरूप तुसैंत लोवरतूर फ्रांस के शासक बने। जबकि फ्रांस में नेपोलियन ने खुद को आजीवन देश का शासक घोषित कर हैती पर कब्जा जमाने की सोची। उसने हजारों सैनिकों को लड़ने भेजा लेकिन वे यलो फीवर से लड़ नहीं सके। करीब 50 हजार सैनिक मारे गए और सिर्फ 3 हजार बच सके। बाद में लाखों वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अमेरिका को बेच दिया गया। लुइसियाना पर्चेज के मिलने से अमेरिका का क्षेत्रफल दोगुना हो गया।चीन का मिंग राजवंश करीब तीन सदियों तक सत्ता पर काबिज रहा। हालांकि प्लेग के कारण इस राजवंश का पतन हो गया। 1641 में उत्तरी चीन में प्लेग जैसी महामारी के कारण बड़ी संख्या में लोगों की मौत हुई। कई जगह आबादी 20 से 40 फीसद तक कम हो गई। इसके कारण लोगों ने मरने वाले लोगों को खाना शुरू कर दिया था। यह संकट मलेरिया और प्लेग जैसी बीमारियों के एक साथ फैलने से शुरू हुआ। ऐसी संभावना जताई जाती है कि चीन में आक्रमणकारियों के साथ ये बीमारियां आई हों। बाद में मंचूरिया के क्विंग वंश ने संगठित रूप से चीन पर हमला किया और मिंग राजवंश का खात्मा हो गया। हालांकि मिंग वंश के सत्ता में आने के लिए सूखा और भ्रष्टाचार जैसे कारण भी थे।

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