बीजेपी और पुष्कर सिंह धामी कैबिनेट से बर्खास्तगी के पांच दिन बाद आख़िरकार हरक सिंह रावत कांग्रेसी हो गए. शुक्रवार को हरक सिंह रावत ने दिल्ली स्थित कांग्रेस के वॉर रूम में वरिष्ठ कांग्रेसी हरीश रावत, देवेंद्र यादव के समक्ष कांग्रेस ज्वाइन किया. उनके साथ उनकी बहू अनुकृति गोसाई भी कांग्रेस में शामिल हुईं. कांग्रेस ज्वाइन करने के बाद हरक सिंह रावत ने कहा कि दुबारा पार्टी में आना सबसे माफ़ी है. मैं पार्टी में एक कार्यकर्ता के तौर पर काम करूंगा. उन्होंने कहा कि बीजेपी को हराना ही उनका लक्ष्य है.
हरक सिंह रावत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि 6 साल पहले उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी इसलिए ज्वाइन की थी कि डबल इंजन सरकार में वह प्रदेश की जनता का अच्छा विकास कर सकेंगे, लेकिन ऐसा कुछ भी नहीं हुआ. पिछले पांच साल तक वे कुछ भी नहीं कर पाए. उन्होंने कहा कि इससे पहले भी वे मंत्री रहे हैं, लेकिन जितना असहाय वह बीजेपी सरकार में रहे उतना कभी नहीं. हरक सिंह रावत ने कहा कि अब उनका लक्ष्य बीजेपी को हराना हैउधर मिल रही जानकारी के मुताबिक कांग्रेस हरक सिंह रावत और उनकी बहू में से सिर्फ एक को ही टिकट देगी. लिहाजा हरक सिंह रावत की चुनाव लड़ने की संभावना है. क्योंकि अगर कांग्रेस की सरकार नहीं बनती है तो वे पांच साल बिना किसी पद के नहीं रहना चाहेंगे.
कांग्रेस में शामिल होने के बाद अनुकृति ने कहा कि पहली बार वे किसी राष्ट्रीय पार्टी में शामिल हुईं हैं. पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी वे उस पर खरा उतरने की पूरी कोशिश करेंगी. चुनाव लड़ने के सवाल पर अनुकृति ने कहा कि यह पार्टी का फैसला कि उन्हें क्या जिम्मेदारी दी जाती है.









