रिपोर्ट- विशाल कुमार गुप्ता
UP News: नौगढ़, चंदौली। जंगली जानवर को बचाने के प्रयास में हुए सड़क हादसे ने एक हंसते-खेलते परिवार की खुशियां छीन लीं। चंदौली जिले के नौगढ़ थाना क्षेत्र में डुमरिया मोड़ के पास बाइक दुर्घटना में गंभीर रूप से घायल 27 वर्षीय सैलून संचालक निजामु ने पांच दिन तक जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद शनिवार भोर में वाराणसी के ट्रॉमा सेंटर में दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर गांव पहुंचते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। मां, पत्नी और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं देवखत गांव में शोक की लहर दौड़ गई।
UP News: अचानक सड़क पर आ गया जंगली जानवर, अनियंत्रित होकर गिरी बाइक
देवखत गांव निवासी निजामु अपनी सैलून की दुकान चलाकर परिवार का भरण-पोषण करता था। 19 अक्टूबर को वह दुकान के लिए सामान खरीदने सोनभद्र जिले के रॉबर्ट्सगंज गया था। शाम को सामान लेकर बाइक से घर लौटते समय रात करीब आठ बजे डुमरिया मोड़ के पास अचानक एक जंगली जानवर सड़क पर आ गया।
जानवर को बचाने के प्रयास में निजामु की बाइक का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर पड़ा। हादसे में उसके सिर में गंभीर चोटें आईं। वह लहूलुहान हालत में सड़क पर पड़ा तड़पता रहा। दुर्घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने मदद के लिए प्रयास किया और एंबुलेंस को सूचना दी।
नौगढ़ से वाराणसी ट्रॉमा सेंटर किया गया था रेफर
सूचना पर पहुंची एंबुलेंस घायल निजामु को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नौगढ़ ले गई। वहां चिकित्सक डॉ. चंद्रा ने उसका प्राथमिक उपचार किया। हालत गंभीर होने के कारण उसे तत्काल रेफर कर दिया गया। इसके बाद परिजन बेहतर इलाज की उम्मीद में उसे वाराणसी स्थित ट्रॉमा सेंटर ले गए।
वहां चिकित्सकों की देखरेख में पांच दिनों तक उसका उपचार चला, लेकिन तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बच सकी। शनिवार भोर में निजामु की मौत हो गई। परिवार को उम्मीद थी कि वह स्वस्थ होकर घर लौटेगा, लेकिन उसकी मौत की खबर ने सभी को तोड़कर रख दिया।
दो मासूम बेटों के सिर से उठा पिता का साया
निजामु की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। करीब छह वर्ष पहले उसकी शादी सहाना से हुई थी। उसके दो बेटे हैं, जिनकी उम्र महज चार और दो वर्ष है। पिता की मौत से दोनों मासूम बच्चों के सिर से हमेशा के लिए पिता का साया उठ गया।
पति की मौत के बाद पत्नी सहाना का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं, बेटे को खोने के गम में मां बार-बार बेसुध हो जा रही है। घर में हर तरफ चीख-पुकार और मातम का माहौल है। परिवार के सदस्यों को संभालना मुश्किल हो रहा है।
मेहनत-मजदूरी से परिवार चलाता था निजामु
ग्रामीणों के मुताबिक, निजामु मेहनती और मिलनसार स्वभाव का युवक था। वह अपनी सैलून की दुकान के जरिए परिवार का पालन-पोषण कर रहा था। परिवार की जिम्मेदारियां निभाने में जुटे युवक की अचानक मौत से गांव के लोग भी गहरे सदमे में हैं।
शनिवार को जैसे ही उसकी मौत की खबर गांव पहुंची, शोक जताने वालों का उसके घर पर तांता लग गया। ग्रामीणों ने पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाया और इस दुख की घड़ी में साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
महज 27 वर्ष की उम्र में निजामु की मौत ने एक परिवार की खुशियां छीन लीं। पीछे रह गई पत्नी, दो मासूम बच्चे और बूढ़ी मां की आंखों में आंसू हैं। इस दर्दनाक हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है।









