गणतंत्र दिवस : बारिश, बर्फ, रेतीली और समुद्री हवा से भी खराब नहीं होगा तिरंगा

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भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान दिल्ली के वैज्ञानिक तिरंगे के लिए ऐसा कपड़ा तैयार कर रहे हैं, जो बारिश, बर्फ और समुद्री-रेतीली हवा से भी खराब नहीं होगा। आईआईटी दिल्ली के स्वत्रिक स्टार्टअप ने राष्ट्रीय ध्वज के लिए उन्नत कपड़े की संरचनाएं तैयार की हैं। मार्च तक प्रोजेक्ट पूरा होने की उम्मीद है। यह तिरंगा दिल्ली और लद्दाख समेत 10 जगहों पर लगाया जाएगा।
आईआईटी दिल्ली के डिपार्टमेंट ऑफ टेक्सटाइल एंड फैब्रिक के प्रोफेसर और स्टार्टअप के मेंटर वैज्ञानिक बिपिन कुमार ने बताया कि तिरंगे के लिए ऐसा कपड़ा तैयार कर रहे है, जिस पर अलग-अलग मौसम का कोई प्रभाव न पड़े। इसकी बाकायदा लैब में टेस्टिंग हो रही है। प्रो. कुमार ने बताया कि अभी  छह फीट लंबे और नौ फीट चौड़ाई से लेकर 60 फीट लंबे और 90 फीट चौड़े झंडे बनाए जा रहे हैं, लेकिन आने वाले समय में विभिन्न आकार के झंडे बनाए जाएंगे।

दिल्ली सरकार देश की आजादी की 75वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में 27 जनवरी को शहर में 75 स्थानों पर 115 फीट का तिरंगा फहराएगी। भारत की आजादी के 75वें वर्ष को मनाने के लिए दिल्ली सरकार के देशभक्ति बजट के तहत लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने हाई मास्ट राष्ट्रीय ध्वज की स्थापना करने का निर्णय लिया है।

लोक निर्माण मंत्री सत्येंद्र जैन ने मंगलवार को ट्वीट करके यह जानकारी दी। उन्होंने ट्वीट के साथ एक वीडियो भी संलग्न किया, जिसमें झंडे लगाने की प्रक्रिया और उनके महत्व को दिखाया गया। पीडब्ल्यूडी दिल्लीभर में 500 स्थानों पर ऊंचाई वाले तिरंगे लगाएगा, जिनमें से 75 गणतंत्र दिवस के एक दिन बाद और शेष 31 मार्च तक फहराए जाएंगे। झंडे पार्कों, स्कूलों के भवनों, बाजारों, आवासीय परिसरों और खुले मैदानों पर लगेंगे।

ये हाई मास्ट फ्लैग कनॉट प्लेस के सेंट्रल पार्क में 200 फीट ऊंचे तिरंगे की तर्ज पर लगाए जाएंगे। पिछले साल मार्च में दिल्ली सरकार ने अपने वार्षिक बजट की घोषणा की थी, जिसमें देशभक्ति पर आधारित और देशभक्ति बजट नामित के तहत 500 स्थानों पर ऊंचाई वाले तिरंगा स्थापित करने के लिए 45 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया था।

पिछले साल सितंबर में सरकार ने बजट में वृद्धि की और परियोजना के लिए 104.37 करोड़ रुपये की राशि को मंजूरी दी। सरकार ने 15 अगस्त, 2021 तक पूर्वी किदवई नगर, रानी बाग, पूर्वी विनोद नगर, कालकाजी और द्वारका में झंडे लगाए हैं।

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