गणतंत्र दिवस समारोह में देश की सभ्यता संस्कृति के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी का दिखा विजन

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नई दिल्‍ली: गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम राजपथ पर इन उत्सवों के प्रतिबिंब के साथ-साथ पीएम नरेंद्र मोदी के विकास की परिकल्पना और भविष्य के भारत की कल्पना देखने को मिला. राजपथ पर आयोजित कार्यक्रम में देश के विभिन्न रंग भी दिखे. इसमें देश के सैनिकों का शौर्य के साथ-साथ देश की सभ्यता और संस्कृति और विकास का विजन भी था.इस कार्यक्रम में कोविड-19 काल में भारत की शक्ति विश्व का सबसे बड़ा टीकाकरण कार्यक्रम के साथ-साथ पाकिस्तान के खिलाफ मैकेनाइज्ड दस्ते, संचूरियन टैंक स्वदेशी विकसित अर्जुन टैंक स्वदेशी विकसित अकाश मिसाइल सिस्टम भी मुख्य आकर्षण का केंद्र रहा.

इसके साथ ही साथ अगर हम विभिन्न झांकियों की बात करें तो उसमें भी पीएम नरेंद्र मोदी के सबका साथ सबका विकास और आत्मनिर्भर भारत का विजन देखने को मिला. गणतंत्र दिवस परेड में नौसेना की झांकी में भारतीय नौसेना की क्षमता के विभिन्न आयामों को दिखाया गया है. इसके साथ ही साथ नौसेना में आत्मनिर्भर भारत कार्यक्रम को भी दर्शाया गया है. झांकी के अगले भाग में 1946 में नौसेना की अभियान को दर्शाया गया है. वहीं पर इसके पिछले हिस्से में 1983 से 2021 तक नौसेना को आत्मनिर्भर बनाने वाले पहलुओं को दर्शाया गया है. वहीं पर भारतीय वायु सेना की झांकी में भारतीय वायु सेना की भविष्य की ओर रूपांतरण को दर्शाया गया है. इस झांकी में रफेल के साथ-साथ 1971 में प्रयोग किए गए मिग-21 को भी दिखाया गया है.वही डीआरडीओ के झांकी में स्वदेशी चौथी पीढ़ी के हल्के लड़ाकू विमान तेजस को प्रमुखता से दिखाया गया.

वहीं, अगर राज्यों की झांकी के बारे में बात करें तो मेघालय की झांकी में 50 वर्षों का राज्यत्व और महिला संचालित सहकारी संघ एवं स्वयं सहायता समूह को दर्शाया गया है. गुजरात की झांसी में 100 साल पहले प्रदेश के आदिवासियों की क्रांति की कहानी को बयां किया गया है. गोवा की झांकी में प्रदेश की सांस्कृतिक धरोहर और सौंदर्य को दर्शाया गया है.वही हरियाणा के झांकी में खेलों में हरियाणा के प्रथम स्थान को दर्शाया गया है. झांसी में दिखाया गया है कि किस तरह से 2020 के टोक्यो ओलंपिक में भारत को मिले 7 पदक में से एक स्वर्ण पदक के साथ चार पदक हरियाणा ने दिलवाए. हरियाणा की झांकी पीएम नरेंद्र मोदी के फिट इंडिया के साथ साथ खेलो इंडिया के विजन को ही एक रूप में प्रदर्शित कर रहा था.

उत्तराखंड की झांकी में प्रगति पथ पर उत्तराखंड को थीम में रखा गया है और दर्शाया गया है कि किस तरह से प्रदेश में सड़क संपर्क बढ़ रहा है और धार्मिक स्थलों को इसके माध्यम से जोड़ा जा रहा है. उत्तर प्रदेश के झांसी में काशी विश्वनाथ परिसर के विकास और ओडीओपी के साथ साथ आजादी के 75 साल के विकास के संकल्प को भी दर्शाया गया. संस्कृति मंत्रालय की झांकी में अरविंदो की 150 वी जयंती को दर्शाया गया है इसमें उनके जीवन के विभिन्न आयामों को भी दर्शाया गया है

शिक्षा मंत्रालय की झांकी में नई शिक्षा नीति भारतीय विचार और दर्शन वैदिक शिक्षा के नालंदा विश्वविद्यालय जैसे वैश्विक गुरुकुल परंपरा आदि को भी दर्शाया गया है इसमें नई तकनीक रोबोटिक आदि को भी दिखाया गया है. डाक विभाग की झांकी में आजादी के 75 साल पूरे होने पर और महिला सशक्तिकरण बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसे अभियानों को प्रदर्शित किया गया है.

वस्त्र मंत्रालय की झांकी में भविष्य के लिए अंतरिक्ष वाहन शटल को दर्शाया गया है इसके साथ ही साथ कोविड-19 में मंत्रालय द्वारा पीपीई किट के रिकॉर्ड उत्पादन सहित मंत्रालय के विभिन्न काम काज को दर्शाया गया है.

नागर विमानन मंत्रालय की झांकी में उड़ान उड़े देश का आम नागरिक के थीम पर झांकी को बनाया गया है जिसमें उड़ान योजना के तहत देश के विभिन्न हिस्सों को हवाई मार्ग से जोड़ने की पीएम नरेंद्र मोदी की पहल को दर्शाया गया है. रिजर्व पुलिस बल की झांकी में शौर्य और बलिदान की गाथा को दर्शाया गया है.जल शक्ति मंत्रालय पेयजल एवं स्वच्छता विभाग की झांकी में पीएम नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजना हर घर नल को दर्शाया गया है. इसमें यह दर्शाया गया है कि किस तरह से 2024 तक देश के विभिन्न सुदूर इलाकों तक सभी को पीने का पानी उपलब्ध करवा दिया जाएगा. जम्मू कश्मीर की झांकी में प्रदेश में विकास की बयार को दर्शाया गया है. सीपीडब्ल्यूडी की झांकी में सुभाष चंद्र बोस की 125 वीं जयंती पर विशेष प्रस्तुति के तौर पर उनके संदेशों और उनकी सेना को दर्शाया गया है. विधि और न्याय मंत्रालय की झांकी में एक मुट्ठी आसमान को दर्शाया गया है तथा न्याय प्रक्रिया को लोक अदालतों के माध्यम से आम आदमी तक किस तरह से पहुंचाया जा रहा है

इसके साथ ही अरुणाचल की झांकी में एंग्लो अबोर के युद्ध को दर्शाया गया है साथ ही साथ वहां के आदिवासियों द्वारा अंग्रेज के खिलाफ कैसे वीरता से आदिवासियों ने अपना प्रतिरोध किया इसे दर्शाया गया है. यह भी दर्शाया गया है कि यह सुदूर पूर्वोत्तर का राज्य देश का सीमा प्रहरी के रूप में काम कर रहा है.कर्नाटक की झांकी में परंपरागत हस्तशिल्प के पालन को दर्शाया गया.

समग्र तौर पर देखा जाए तो गणतंत्र दिवस के मुख्य कार्यक्रम में भारत की संस्कृति सभ्यता के साथ-साथ विकास को लेकर के पीएम नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता को दर्शाया गया.

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