बछरावां रायबरेली। जी हां जहां एक और देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और प्रदेश के मुखिया महंत योगी आदित्यनाथ करोड़ों रुपए का बजट पास कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। वहीं दूसरी ओर कुछ जिम्मेदार चिकित्सक व फार्मासिस्ट सरकार के इस प्रयास पर पूर्ण रूप से कालिख पोतते हुए नजर आ रहे हैं। जानकारी के अनुसार आपको बताते चलें कि विकास क्षेत्र के अंतर्गत बिशुनपुर ग्राम सभा में स्थित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का मौके पर जब निरीक्षण किया गया तो, वहां पर न तो नियुक्त चिकित्सक मिली, न ही फार्मासिस्ट मिले। मिली तो केवल चौकीदार? अब ऐसे में यह कहना कतई गलत नहीं होगा कि आखिरकार सरकार द्वारा करोड़ों रुपए खर्च कर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने का प्रयास जिम्मेदारों की वजह से असफल होता नजर आ रहा है। अपने विभाग के उच्चाधिकारियों का संरक्षण प्राप्त कर चुके ऐसे चिकित्सको एवं फार्मासिस्टो का मनमाना रवैया पूर्ण रूप से कायम है। अब यह एक यक्ष प्रश्न है कि आखिरकार ऐसे चिकित्सकों पर कब तक कार्यवाही होती है या फिर चिकित्सक ऐसे ही सरकार को चूना लगाते रहेंगे।









