जम्मू-कश्मीरः सुरंग के पास से मलबा हटाने का काम फिर से शुरू, पहाड़ गिरने से हो गया था बाधित

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जम्मू-श्रीनगर नेशनल हाइवे पर रामबन के मेकरकोट क्षेत्र में एक टलन का हिस्सा टूट गया, जिसके मलबे में कई लोग दब गए. इसके बाद सेना और पुलिसकर्मियों की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया. लेकिन इसी दौरान घटनास्थल के पास में भूस्खलन होने के चलते पहाड़ गिर गया और रेस्क्यू ऑपरेशन बाधित हो गया. लेकिन करीब 15 घंटे बाद फिर से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. जिले के नायब तहसीलदार जावेद ने एएनआई को बताया कि हमने भूस्खलन स्थल पर मलबा हटाने का काम फिर से शुरू कर दिया है. काम को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए मशीनरी व तकनीकी कर्मियों की संख्या बढ़ाई गई है. बता दें कि शुक्रवार की रात को श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर एक निर्माणाधीन सुरंग के ढह जाने वाले स्थल पर भूस्खलन होने से राहत और बचाव कार्य रुक गया।

यहां पहाड़ का एक हिस्सा अचानक गिर गया. बारिश की वजह से पत्थर गिरने की सूचना के बाद पहाड़ का एक हिस्सा दुर्घटनाग्रस्त हो गया. इस दौरान यहां भारत-तिब्बत सीमा पुलिस द्वारा मलबे में फंसे 9 श्रमिकों को बचाने के लिए अभियान चलाया जा रहा था. आईटीबीपी के एक आधिकारिक बयान में कहा गया कि, शाम करीब 4.40 बजे भूस्खलन की एक ताजा घटना और बारिश की वजह राहत और बचाव कार्य को प्रभावित हो गया. अब घटना स्थल पर पड़े पत्थरों को साफ करने के लिए काम किया जा रहा है।

अधिकारियों के अनुसार, खूनी नाले में सुरंग के सामने की ओर का एक छोटा हिस्सा गुरुवार की रात को ढह गया. यह घटना तब हुई जब सुरंग के अंदर कुछ लोग ऑडिट कर रहे थे. इसके तुरंत बाद पुलिस और सेना ने एक संयुक्त बचाव अभियान शुरू किया. वहीं जम्मू-कश्मीर आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने हादसे को लेकर बताया कि, रामबन के मेकरकोट इलाके में खूनी नाला जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुरंग ढहने के बाद से 10 मजदूर लापता हो गए हैं. बचाव अभियान जारी है।

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