लोहरदगा : झारखंड के लोहरदगा जिले के पेशरार थानाक्षेत्र के बुलबुल जंगल में नक्सलियों के खिलाफ सुरक्षा बलों का सर्च ऑपरेशन जारी है. रूक-रूक कर मुठभेड़ भी हो रही है. इस बीच गत 16 फरवरी को मुठभेड़ में मारे गए एक नक्सली की पहचान को लेकर पुलिस परेशान है. मृतक की पहचान नहीं हो पा रही है.
लोहरदगा पुलिस ने नक्सली के शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल लाया, जहां नक्सली बालक गंझू और दिनेश नगेशिया के परिजनों को बुलाया गया. दोनों के परिजनों ने शव को पहचानने से इनकार कर दिया. हालांकि अबतक पुलिस शव को 5 लाख के इनामी नक्सली बालक गंझू के रूप में पहचान कर रही थी.
पुलिस ने शुक्रवार को बालक गंझू और दिनेश नगेशिया के परिजनों को बुलाया. दिनेश नागेशिया के परिजनों में उसके पिता, बहन और भाई पहचान के लिए पहुंचे थे. उन्होंने शव को पहचानने से इनकार कर दिया है. नक्सली दिनेश नागेसिया के भाई पुष्कर नागेसिया ने बताया यह शव हमारे भाई दिनेश नागेसिया का नहीं है.
उधर, बालक गंझू के परिजनों ने भी शव को पहचानने से इंकार कर दिया. नक्सली बालक गंझू के छोटे भाई रामू गंझू ने कहा कि यह शव बालक गंझू का नहीं है.
जिला प्रशासन के आदेश पर शव के पोस्टमार्टम के लिए चार सदस्य टीम का गठन किया गया. इसमें सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ शंभू नाथ चौधरी, डॉ गणेश कुमार मालिक, डॉ राजेंद्र प्रसाद और दंडाधिकारी के रूप में किस्को प्रखंड के सीओ बुढ़ाई सारू शामिल हुए. पोस्टमार्टम का वीडियोग्राफी किया गया









