डीएम गोरखपुर बोल रहा हूं, खाते रुपये भेज दो.. प्रशासन ने शुरू की मुकदमा दर्ज करने की तैयारी

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गोरखपुर। साइबर ठगों का दुस्साहस बढ़ता जा रहा है। एक ठग ने प्रशासनिक अधिकारियों से ठगी की कोशिश की। इसके लिए उसने डीएम के नाम का इस्तेमाल किया। वाट्सएप पर पहले लोकेशन पूछा और कुछ देर बात करने के बाद पैसे की मांग की। अधिकारियों ने इस बात की जानकारी जिलाधिकारी को दी तो उन्होंने बताया कि वह बैठक में हैं और कोई मैसेज नहीं किया है।
ठगी की कोशिश का पता चलने पर जिलाधिकारी ने एसएसपी को ठग का पता लगाकर कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। ठग ने जिस नंबर का प्रयोग किया था, वह अधिकारियों के लिए अनजान था लेकिन उसपर जिलाधिकारी की फोटो लगी थी।

ऐसे हुआ ठगी का प्रयास
मंगलवार को गोरखपुर के सभी एडीएम व एसडीएम के सीयूजी नंबर पर मोबाइल नंबर 8250128869 से वाट्सएप मैसेज मिला। उसमें उनका लोकेशन पूछा गया था। जिले में नए डीएम आए हैं और जिस नंबर से वाट्सएप मैसेज आया, उसपर डीएम की फोटो भी लगी है इसलिए प्रथम दृष्टया अधिकारियों को लगा कि डीएम ने ही मैसेज भेजा है। कुछ अधिकारियों ने मैसेज का जवाब देकर अपनी लोकेशन भी बताई।

चैटिंग करने वाले व्यक्ति ने यह भी बताया कि वह बैठक में है। उस समय डीएम भी एक बैठक में मौजूद थे। जब पैसे की मांग की गई तो अधिकारियों को शक हुआ। पैसे अमेजन पे के जरिए पैसे मांगे ग थे। इसके बाद कुछ ने वह नंबर ब्लाक कर दिया तो कुछ ने डीएम को इस बात से अवगत कराया। जालसाज को डीएम के कार्यक्रम की जानकारी भी थी। उसने बैठक का हवाला देते हुए फोन पर बात करने में असमर्थता जताते हुए वाट्सएप पर चैट करने को कहा था। पूर्व डीएम विजय किरन आनंद के नाम से भी फर्जी आइडी बनाकर कुछ अधिकारियों से पैसे मांगने की बात सामने आयी थी।

फर्जी आइडी के जरिए मेरे नाम से वाट्सएप मैसेज कर अधिकारियों से पैसा मांगने की बात संज्ञान में आयी है। एसएसपी से इस मामले में बात की गई है और मुकदमा दर्ज कर जल्द से जल्द ठग को गिरफ्तार करने को कहा गया है। मेरी आम जनमानस से अपील है कि वे साइबर ठगों से सावधान रहें। किसी भी कीमत पर उनके बहकावे में न आएं।

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