राजस्थान के थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों के लेकर अच्छी खबर है. शिक्षा विभाग में बहुप्रतीक्षित तबादला नीति को लेकर कवायद शुरू हो चुकी हैं. विभाग ने तबादला नीति का लगभग प्रारूप फाइनल कर लिया हैं. यदि सब कुछ ठीक रहा तो आगामी महीनों में तबादला नीति के साथ शिक्षकों के मनचाहे तबादले किए जा सकते हैं. प्रदेश में शिक्षा विभाग ने प्रबोधकों और थर्ड ग्रेड टीचर्स ने पांच महीने पहले तबादले के लिए ऑनलाइन आवेदन किए थे. विभाग ने इन ट्रांसफर्स के लिए शाला दर्पण पर ऑनलाइन आवेदन करने को कहा था जिसमें पूरे प्रदेश से 85 हजार से ज्यादा आवेदन किए. इसके साथ ही टीएसपी क्षेत्र से नॉन टीएसपी क्षेत्र में लगे शिक्षकों से विकल्प पत्र भी भरवाए गए. बावजूद इसके इतने वक्त बाद में भी तबादला सूची का शिक्षकों को इंतजार रहा. इसे लेकर पहले सड़कों पर भी शिक्षक आंदोलन कर चुके थे. इन दिनों उनकी यह मांग सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ रही है. बरसो से दूर-दराज क्षेत्रों में लगे शिक्षकों को उनके गृह जिलों में जाने का इंतजार है.
आवेदन करने के बाद शिक्षक वर्ग में आस जागी थी कि सरकार अब उनकी सुनवाई कर उन्हें अपने घर के निकट सेवा का अवसर दे सकती हैं लेकिन विभाग में वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता, एचएम, प्रधानाचार्य सभी के तबादले कर दिए लेकिन तृतीय श्रेणी शिक्षकों को केवल इंतजार हाथ लगा. अब हर वर्ग के शिक्षकों की तमन्ना है कि रीट शिक्षक भर्ती से नए शिक्षकों के पद स्थापन से पहले बरसों से लगे शिक्षकों के तबादले कर दिए जाएं. बरसों से बाट जोह रहे शिक्षकों का इंतजार भी खत्म हो सके. अगर रीट भर्ती तबादला सूची जारी होने से पहले पूरी हो जाएगी तो अधिकाश रिक्त स्थान भर जाएंगे जिससे घर के नजदीक जाने वाले शिक्षकों का तबादला नहीं हो पाएगा और उनकी वर्षो की तमन्ना दिल में ही रह जाएगी.
यूं तो शिक्षा विभाग में बाकी सभी कैडर के तबादले बिना नीति के ही किए गए हैं. एक दिशा-निर्देश के साथ तबादलों को अंजाम दिया गया है लेकिन संख्या में ज्यादा होने से शिक्षा विभाग के लिए तृतीय श्रेणी शिक्षकों के तबादला करना माथा-पच्ची का काम होता है. ऐसे में शिक्षक भी एक नीति के जरिए स्वस्थ तबादला नीति के पक्ष में हैं. शिक्षा विभाग में तबादला नीति को लेकर जब शिक्षा मंत्री डॉ बीडी कल्ला से न्यूज18 राजस्थान ने सवाल किया तो उनका साफ कहना था कि तबादला नीति पर कवायद शुरू की जा चुकी है. बहरहाल, शिक्षकों को उम्मीद है कि विभाग जल्द तबादला नीति को अंजाम दें ताकि बरसों से सैकड़ों किलोमीटर दूर अपने परिजनों से अलग रह रहे शिक्षकों के उनके घर का निकट मिल सके. वहीं, देखना अब यही है कि शिक्षा विभाग इस तबदला नीति को कितनी जल्दी अमल में लाता है.









