धरती के पास आ रहा है विशालकाय उल्का पिंड ! NASA ने बताया है कितना खतरनाक है.

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अंतरिक्ष  की दुनिया तमाम तरह के रहस्यों से भरी हुई है. कभी किसी एस्टेरॉयड  के धरती की ओर बढ़ने से खतरा सामने आ जाता है, तो कभी कोई नया तारा वैज्ञानिकों की नज़र में आ जाता है. हाल ही में खगोलशास्त्रियों ने चेतावनी जारी की है कि एक भारी-भरकम उल्का पिंड धरती की ओर बढ़ रहा है. अगले हफ्ते यानि 22 फरवरी तक इस उल्का पिंड के धरती के बेहद नज़दीक से गुजरने की उम्मीद की जा रही है.

एस्ट्रोनॉमर्स ने इस एस्टेरॉयड को नवंबर, 1999 में ही ढूंढ लिया था. इस उल्का पिंड का सही-सही साइज़ वैज्ञानिकों को भी नहीं पता है लेकिन उन्होंने अनुमान लगाया है कि इसका साइज़ 623 से 1410 फीट के बीच है. साल 2019 में वैज्ञानिकों के इस उल्का पिंड के 738 फीट का होने का अंदाज़ा लगाया था. एक अनुमान के मुताबिक उल्का पिंड का आकार कम से कम इतना बड़ा तो है कि अगर ये धरती से टकरा जाए तो एक पूरे शहर जितना डेंट लगा सकते हैंजो विशालकाय एस्टेरॉयड धरती की ओर बढ़ रहा है, उसे लेकर नासा का कहना है कि ये काफी नुकसान पहुंचाने वाले उल्का पिंडों में से एक है. लगभग एक शहर जितना लंबा चौड़ा एस्टेरॉयड अगर पर्यावरण में घुसता है, तो काफी हानिकारक साबित हो सकता है, यही वजह है कि नासा ने इसे  की लिस्ट में रखा है. नासा की इस लिस्ट में कुल 2200 ऑब्जेक्ट शामिल हैं, जो धरती से अगर छू जाएं तो खतरा पैदा हो सकता है. 1999 JM8 नाम के इस 4 मील बड़े एस्टेरॉयड के 22 फरवरी तक धरती के पास गुजरने की आशंका जताई जा रही है.

एस्ट्रोनॉमर्स के मुताबिक ये उल्कापिंड धरती से 3,334,000 मील की दूरी से होकर गुजरेगा. ये धरती और चांद के बीच की दूरी का 14 गुना है. वैसे तो ये दूरी काफी ज्यादा है, लेकिन अंतरिक्ष के हिसाब से ये कम कही जाएगी. हालांकि दूरी ज्यादा होने की वजह से इसके धरती पर नकारात्मक प्रभाव डालने की आशंका कम है.

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