नर्स की गलती से नवजात को हुआ गैंगरीन, अस्‍पताल को देगा बीस लाख रुपये जुर्माना देने का न‍िर्देश

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गोरखपुर: राज्य उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग के सदस्य राजेंद्र सिंह एवं सुशील कुमार ने अलीनगर उत्तरी स्थित गौतम प्रसूति गृह तथा डाक्टर लक्ष्मी सेठ के विरुद्ध निर्णय दिया कि वह उपभोक्ता मयंक कुमार उपाध्याय को 20 लाख रुपया नौ फीसद ब्याज के साथ भुगतान करें। इसके अतिरिक्त विपक्षी को वाद व्यय के रूप में दस हजार रुपया भी भुगतान करना होगा।

यह है मामला
आयोग के समक्ष शाहपुर थाना क्षेत्र के जंगल तुलसीराम पीएसी कैम्प निवासी उपभोक्ता मयंक कुमार उपाध्याय की ओर से अम्बरीष कौशल श्रीवास्तव एडवोकेट का कहना था कि परिवादिनी श्रीमती किरन उपाध्याय गर्भवती थी। 28 दिसम्बर 2009 को उसकी गर्भावस्था पूरी होने पर प्रसूति केंद्र में भर्ती किया गया,जहां उसने रात 9.45 बजे शिशु को जन्म दिया। डिलेवरी के बाद शिशु को मां से अलग रखा गया और अत्यधिक सर्दी होने के कारण डाक्टर सेठ ने नर्स को निर्देशित किया कि बच्चे को ब्लोवर चलाकर कमरे का तापमान सही कर उसमें रखा जाए।

नर्स ने ब्लोवर बच्चे के पास रखकर चला दिया, जिससे बच्चे का बायां पैर जल गया। बच्चे को दूसरे हॉस्पिटल में दिखाया गया जहां डॉक्टर द्वारा बताया गया कि बच्चे की उंगलियों में गैंगरीन विकसित हो गई है और ऐसा जलने के कारण हुआ है। आयोग ने पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उक्त निर्णय दिया।
ग्राहक सेवा देने में बीएसएनएल अव्वल : बेहतर ग्राहक सेवा देने के लिए बीएसएनएल गोरखपुर को संस्थान के उत्तर प्रदेश पूर्वी परिमंडल में पहला स्थान मिला है। इस उपलब्धि के लिए विश्व दूरसंचार दिवस के अवसर पर मुख्य महाप्रबंधक उत्तर प्रदेश परिमंडल राजीव चौधरी ने बीएसनएन गोरखपुर को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। महाप्रबंधक विद्यानंद ने जानकारी दी है कि गोरखपुर बीएसएनएल ने बैंक, पोस्टआफिस, रेलवे आरक्षण व संचालन, हवाई सेवा के संचालन, बिजली बिल और शेयर बाजार आदि को ग्राहक सेवा देने में इस वर्ष अभूतपूर्व कार्य किया है।

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