नागपुर में आपत्तिजनक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद तनाव, QRT-दंगा पुलिस तैनात, 2 पर FIR

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महाराष्ट्र राज्य में सांप्रदायिक तनाव भड़काने के लिए सोशल मीडिया को हथियार बनाकर आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों की अब खैर नहीं है. दरअसल राज्य पुलिस ने ऐसी पोस्टों पर नजर रखने के लिए कार्रवाई शुरू कर दी है. इसी के तहत पुलिस ने ‘सोशल मीडिया लैब’ को सक्रिय कर दिया है.
बता दें कि मुंबई पुलिस द्वारा एक्टिवेट किए गए ‘सोशल मीडिया लैब’ के जरिए अब तक 3000 ऐसी आपत्तिजनक पोस्ट डिलीट किए गए हैं जिनका इस्तेमाल सांप्रदायिक तनाव भड़काने में किया जाना था
वहीं नासिक के सीपी दीपक पांडे ने कहा कि, “ सभी धार्मिक स्थलों को 3 मई तक लाउडस्पीकर के इस्तेमाल की अनुमति लेने का निर्देश दिया गया है. 3 मई के बाद अगर कोई आदेश का उल्लंघन करता पाया जाता है तो उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी
उन्होंने ये भी कहा कि हनुमान चालिसा या भजन बजाने के लिए इजाजत लेनी पड़ती है. अजान से पहले और बाद में 15 मिनट के भीतर इसकी अनुमति नहीं होगी. मस्जिद के 100 मीटर के दायरे में इसकी इजाजत नहीं होगी. उन्होंने आगे कहा कि इस आदेश का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है.
वहीं महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे पाटिल ने कहा कि, “लाउडस्पीकर को लेकर राज्य की पुलिस और मुंबई के कमिश्नर बैठकर निर्णय लेंगे और गाउडलाइन तय करेंगे. पुलिस (धार्मिक तनाव) ऐसी परिस्थिति को संभालने के लिए तैनात है. किसी भी तरह का तनाव न पैदा हो इसपर हम ध्यान रख रहे हैं.

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