झारखंड के सरकारी स्कूलों को आदर्श विद्यालय और लीडर स्कूल योजना के तहत विकसित किया जाएगा. स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप विकसित करने के लिए स्कूलों को चयनित किया जा रहा है. इस योजना के पहले चरण में राज्य के 80 सरकारी स्कूलों को चयनित किया गया है. जिसे स्कूल ऑफ एक्सीलेंस के रूप में विकसित किया जाएगा. बता दें कि राज्य सरकार ने महत्वाकांक्षी योजना के तहत 4 हजार 416 स्कूलों को आदर्श स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा.
विद्यालयों में खेलकूद की भी सुविधा होगी. वालीबॉल, थ्रो बॉल, खो-खो, कबड्डी के साथ-साथ जिन विद्यालयों में पर्याप्त जगह उपलब्ध है, वहां फुटबॉल और हॉकी खेलने की भी सुविधा दी जायेगी.
विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक की पढ़ाई होगी. एक विद्यालय में 2500 बच्चों का नामांकन होगा. विद्यालय में अंग्रेजी माध्यम से पढ़ानेवाले शिक्षक नियुक्त होंगे. वर्तमान में सरकारी स्कूलों में कार्यरत वैसे शिक्षक, जो पूर्व में सीबीएसइ स्कूलों में कार्यरत थे, उन्हें इन विद्यालयों में प्रतिनियुक्त किया जायेगा.
विद्यालय में लैंग्वेज लैब, कंप्यूटर लैब, साइंस लैब, मैथ्स लैब और पुस्तकालय के साथ-साथ स्मार्ट क्लास की सुविधा बच्चों को उपलब्ध होगी. विद्यालयों में बच्चों को डिजिटल शिक्षा भी दी जायेगी. विद्यालयों में एसटीइएम (साइंस टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एवं मैथ ) के साथ कुछ स्कूलों में आनेवाले दिनों में रोबोटिक लैब की सुविधा उपलब्ध होगी.
शिक्षा मंत्री जगरनाथ महतो ने कहा है कि राज्य के 80 स्कूलों को उत्कृष्ट विद्यालय के रूप में विकसित करने का कार्य शुरू हो गया. शुक्रवार को सभी जिलों में काम शुरू हुआ. आनेवाले वर्षों में राज्य की सभी पंचायतों में एक अंग्रेजी माध्यम का स्कूल खोला जायेगा. ये स्कूल राज्य के निजी स्कूलों को टक्कर देंगे.









