पंजाब के जालंधर में गन्ना किसानों ने हाईवे और रेलवे ट्रैक ब्लॉक कर दिया। किसान प्रदर्शनकारी सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगे। किसानों के विरोध-प्रदर्शन की वजह से फिरोजपुर रेल मंडल में 19 ट्रेनें रद्द कर दी गईं। भारतीय किसान यूनियन (दोआबा) के एमएस राय ने कहा कि, राज्य सरकार से किसानों की बकाया राशि का भुगतान करने की मांग है। सरकार किसानों की सुन नहीं रही है। यदि सरकार ने आज शाम तक हमारे साथ बातचीत नहीं की, तो हम पंजाब बंद का आह्वान करेंगे।
भाकियू-दोआबा के पदाधिकारी ने यह भी कहा कि, कल रक्षाबंधन के चलते हम पंजाब-बंद से बचने की कोशिश करेंगे। यह सरकार के हाथ में है कि वह किसानों की मांगें माने और किसान भी परेशान नहीं होंगे। बताया जा रहा है कि, किसानों ने पहले धन्नोवाली के नजदीक राष्ट्रीय राजमार्ग बंद किया था, उसके बाद रेलवे ट्रैक पर धरना शुरू कर दिया। बड़ी संख्या में किसान और उनके समर्थक रेलवे लाइन पर जा बैठे। ऐसे में ट्रेनों को पिछले स्टेशनों पर ही रोकना पड़ा। किसानों ने सड़क मार्ग से जाने वाले वाहनों और रेलमार्ग को पूरी तरह से ठप कर दिया। इस वजह से बस स्टैंड के भीतर ही बसों का जमावड़ा लग गया।
प्रदर्शन के कारण बीते रोज भी सरकारी व निजी दफ्तरों में सन्नाटा पसरा रहा, क्योंकि किसानों के धरने के कारण बस यात्रियों को काफी परेशानी हुई। धरने के कारण अवरुद्ध हुए ट्रैफिक का असर कार्यालयों की हाजिरी पर भी देखने को मिला। दरअसल, कई सरकारी एवं निजी कार्यालयों में जालंधर के आसपास के क्षेत्रों के लोगों के आवागमन का साधन बस ही हैं…ऐसे में जब बसों का संचलान रुका तो यात्री परेशान हुए।
किसानों ने पंजाब में इससे पहले शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के काफिले के खिलाफ भी प्रदर्शन किया था। सुखबीर सिंह बादल के काफिले को फिरोजपुर में किसान-प्रदर्शनकारियों का विरोध झेलना पड़ा था। महिलाओं की अगुवाई में किसान-प्रदर्शनकारियों ने काले झंडे दिखाए था। घटना फिरोजपुर जिले के जीरा इलाके में हुई, जहां महिलाओं ने नारेबाजी भी की। वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शनकारियों को काबू किया।









