बजरंग पूनिया पर पूरे देश की टिकीं निगाहें, बस कुछ ही देर बाद ब्रॉन्ज मेडल के लिए उतरेंगे मैदान में

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भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया पुरुषों की फ्रीस्टाइल 65 किग्रा भारवर्ग में कुछ ही देर बाद कांस्य पदक के लिए मैदान में उतरेंगे। उनका मुकाबला भारतीय समय अनुसार तीन बजकर 55 मिनट पर शुरू होगा। वह कांस्य पदक मैच के लिए सेनेगल के पहलवान दैता और  कजाकस्तान के पहलवान नियाजबेकोव के बीच होने वाले विजेता से भिड़ेंगे। बता दें कि बजरंग ने 65 किग्रा भार वर्ग में ईरान के मुर्तजा चेका घियासी को 2-1 से पटखनी देकर कर सेमीफाइनल में जगह पक्की की थी। इससे पहले बजरंग ने किर्गीस्तान के अर्नाजार अकमातालिएव को हराकर क्वार्टरफाइनल में जगह पक्की की थी।

सेमीफाइनल मुकाबले में बजरंग पूनिया को हार का सामना करना पड़ा था। उन्हें अजरबैजान के पहलवान अलीयेव हाजी ने 12-5 से हराया था। रियो ओलंपिक के कांस्य विजेता अजरबैजान के अलीयेव ने लगातार बजरंग के पैरों पर हमला किया। उन्होंने दो बार खुद को उस स्थिति में पहुंचा दिया जहां से वह आसानी से दो अंक हासिल करने में सफल रहे। पहले पीरियड के बाद 1-4 से पीछे चल रहे बजरंग ने दूसरे पीरियड मे वापसी के लिए आक्रामक रूख अपनाया लेकिन एलीव ने बड़ी चतुराई ने उनकी चाल को नाकाम करते हुए 8-1 की बढ़त हासिल कर ली। आखिरी क्षणों में बजरंग ने वापसी की लेकिन उन्हें मैच जीतने के लिए ज्यादा अंकों वाली पकड़ की जरूरत थी। मुकाबले के आखिरी 30 सेकंड में उन्होंने अपना हमला तेज किया लेकिन अलीव ने उन्हें कोई मौका नहीं दिया। हार सुनिश्चित होने के बाद बजरंग मैट पर गिर गए।

बजरंग अगर कांस्य पदक जीतने में सफल रहते हैं तो यह भारत का संयुक्त श्रेष्ठ प्रदर्शन होगा। इससे पहले भारत ने लंदन 2012 में दो पदक जीते। तब सुशील कुमार (रजत) और योगेश्वर दत्त (कांस्य) ने  पदक जीते थे। रवि दहिया ने रजत पदक जीता था।

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