बलरामपुर में भीषण बाढ़ ने मचाई तबाही, 3 की मौत 4 लापता, बचाव कार्य में जुटा प्रशासन

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बलरामपुर: उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में आई भीषण बाढ़ ने अब तक 3 लोगों की जान ले चुकी है. वहीं चार लोग अभी भी बाढ़ के पानी में लापता हैं. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश और राप्ती नदी व पहाड़ी नालों में आए उफान से जिला जलमग्न हो चुका है. राप्ती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 1.45 मीटर ऊपर तक पहुंच गया है. अचानक आए इस जल प्रलय में चारों ओर तबाही का ही मंजर नजर आ रहा है. विभिन्न इलाकों के बाढ़ की चपेट में आने से अब तक तीन लोगों की मौत हो चुकी है. जबकि चार अन्य लोग लापता हैं, जिनकी तलाश की जा रही है।

शनिवार को ललिया थाना क्षेत्र के शेखनपुर कैली गांव में बाढ़ के पानी में नहा रहे तीन बच्चे तेज बहाव में बह गए. ग्रामीणों की मदद से एक बच्चे को तो बचा लिया गया, लेकिन दो बच्चों को नहीं बचाया जा सका. काफी खोजबीन के बाद लापता हुए आलम और जीशान का शव रविवार को देर शाम बरामद हुआ. सोमवार को गौरा चौराहा थाना क्षेत्र में तीन अलग-अलग घटनाओं में बाढ़ के पानी में बह जाने से एक महिला की मौत हो गई, जबकि चार अन्य लोग अभी भी लापता हैं. गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के नंद नगर ठठिया गांव में घर के बाहर ही तेज बहाव में आ जाने से दो बालक इजहार और आमिर बाढ़ के पानी में डूब गए. स्थानीय प्रशासन और ग्रामीण, दोनों की तलाश में जुटे हुए हैं, जिनका अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है।

गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के ही मदरहवा गांव की एक 45 वर्षीय महिला सुमिरता देवी बाढ के पानी में डूब गई. दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने बाढ़ के पानी से महिला का शव बरामद किया. एक अन्य घटनाक्रम में गौरा चौराहा थाना क्षेत्र के ही पकड़ी पटोहा गांव में खेत में तलभट साफ करने गया युवक कोयलाहे गहरे पानी में डूब गया और बाढ़ के तेज बहाव में बह गया है. स्थानीय प्रशासन की मदद से कोयलाहे की तलाश की जा रही है।

एसपी राजेश कुमार सक्सेना ने बताया कि ललिया थाना क्षेत्र के शेखनपुर कैली गांव के दोनों बच्चों के शव बरामद कर लिए गए हैं.उन्होंने कहा कि मदरहवा गांव मे बाढ़ के पानी में बही सुमिरता देवी का शव भी बरामद हो गया है. एसपी ने बताया कि जिन लोगों के लापता होने की सूचना है, उनकी तलाश की जा रही है. जिले में आई अब तक की भीषणतम बाढ़ में ग्रामीण इलाकों का संपर्क जिला मुख्यालय से कटा हुआ है. ग्रामीण क्षेत्रों में तबाही का जो मंजर है वह बहुत ही भयानक है. बाढ़ से निपटने के जिला प्रशासन के सभी दावे फेल साबित हो चुके हैं. बाढ़ से पीड़ित लोग अपने स्तर से निपटने का प्रयास कर रहे हैं।

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