बलिया: रेलवे स्टेशन में घुसी भीड़, अग्निपथ योजना के खिलाफ प्रदर्शन में ट्रेन फूंकी

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बलिया में ‘अग्निपथ’ पर बवाल शुक्रवार सुबह से ही शुरू हो गया है। युवकों ने बलिया-वाराणसी मेमू व बलिया-शाहगंज ट्रेन में तोड़फोड़ की है। प्लेटफार्म की दुकानों व निजी बस को भी तोड़ा। पुलिस, पुलिस चौकी, मालगोदाम, सड़कों पर भी पथराव हो रहा है। वहीं पुलिस ने एक्शन में आकर सौ से अधिक युवक हिरासत में लिए हैं। इलाके में रुक-रुक कर बवाल अब भी जारी है। सुबह स्टेडियम में जुटे युवक अचानक स्टेशन की ओर बढ़े और जमकर बवाल काटा। वॉशिंटपिट में खड़ी एक ट्रेन में आग भी लगा दी गई। इसमें एक बोगी पूरी तरह जल गई और अन्य बोगियों को काटकर अलग किया गया।
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में आज सुबह नई सैन्य भर्ती नीति, अग्निपथ के विरोध में भीड़ ने एक ट्रेन में तोड़फोड़ की। भीड़ ने रेलवे स्टेशन की संपत्ति को भी नुकसान पहुंचाया, इससे पहले कि पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया।
बलिया पुलिस प्रमुख ने कहा कि वे उनसे बात करने के बाद भीड़ को तितर-बितर करने में सफल रहे। प्रदर्शनकारियों के एक अन्य समूह ने पूर्वी यूपी जिले में रेलवे स्टेशन के बाहर सड़कों पर लाठी-डंडों के साथ पुलिस से बहस की। विरोध के वीडियो में युवकों को रेलवे स्टेशन पर दुकानों और बेंचों को लाठियों से तोड़ते हुए दिखाया गया है। बलिया की जिलाधिकारी सौम्या अग्रवाल ने कहा कि पुलिस भीड़ को बड़े पैमाने पर नुकसान से बचाने में कामयाब रही। हम लोगों के खिलाफ कार्रवाई करेंगे। बलिया पुलिस प्रमुख राज करण नैयर ने कहा कि वे पुरुषों की पहचान करने के लिए विरोध के वीडियो की जांच कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हम उन्हें ढूंढेंगे और कार्रवाई करेंगे।

आज का विरोध बिहार के कई हिस्सों में सेना के उम्मीदवारों द्वारा रेल और सड़क यातायात को बाधित करने के एक दिन बाद आया है। विरोध हरियाणा और यूपी में भी फैल गया था। प्रदर्शनकारियों द्वारा पथराव और हिंसा के बाद हरियाणा के पलवल जिले में 24 घंटे के लिए फोन इंटरनेट और एसएमएस बंद कर दिया गया है। अग्निपथ में चार साल की अवधि के लिए अनुबंध पर जवानों की भर्ती का प्रस्ताव है, जिसके बाद अधिकांश के लिए ग्रेच्युटी और पेंशन लाभ के बिना अनिवार्य सेवानिवृत्ति हो जाएगी। नई योजना का उद्देश्य सरकार के भारी वेतन और पेंशन बिलों में कटौती करना और हथियार खरीदने के लिए धन मुक्त करना है। सरकार ने विरोध प्रदर्शनों के बाद एकमुश्त छूट के रूप में अग्निपथ भर्ती के लिए आयु सीमा 21 से बढ़ाकर 23 कर दी है। सरकार ने इस योजना का 10 सूत्रीय बचाव भी किया है और रंगरूटों को आश्वासन दिया है कि वे सेना में अपने चार साल पूरे करने के बाद खुद को मुश्किल में नहीं पाएंगे।

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