घाटमपुर : रविवार अपराहन बाढ़ ग्रस्त गांव की कवरेज के दौरान नाव डूब गई। दुर्घटना में नाव में बैठे भाजपा नेता, पूर्व फौजी, पिता पुत्री सहित दो पत्रकार यमुना नदी के पानी में गिर गए। जिन्हें नदी किनारे खड़े ग्रामीणों ने बाहर निकाला। प्राप्त जानकारी के अनुसार घाटमपुर तहसील क्षेत्र की यमुना नदी के किनारे बसे गांवों में बाढ़ का पानी घुस जाने से कई गांव डूब गए हैं। ग्रामीण छतों में बैठकर राहत और बचाव का इंतजार कर रहे हैं। जिनकी समस्या कवरेज करने घाटमपुर प्रेस क्लब अध्यक्ष शिराजी, सर्किल न्यूज़ के पत्रकार साथी विपिन कुमार के साथ गढ़ाथा गांव गए थे। गांव के बाहर 1 किलोमीटर पहले बाढ़ का पानी भरा हुआ है। जहां मौजूद ग्रामीणों ने बताया की दो नाव क्षतिग्रस्त हो चुकी है। मात्र तीन नाव द्वारा ही ग्रामीणों को ढोया जा रहा है। लेकिन कमजोर नाव हादसों को दावत दे रही हैं। गांव के अंदर मौजूद ग्रामीण राहत और बचाव के इंतजार में छतों पर डेरा डाले हुए हैं।
इस सूचना के बाद दोनों पत्रकार एक नाव में बैठ गये। जिसमें पूर्व प्रधान व पूर्व फौजी दिनेश सिंह उर्फ दीवान सिंह, भाजपा नेता कमलेश त्रिवेदी, निगम जी,चालक झब्बू, हरि शंकर दुबे, उनकी पुत्री शिखा दुबे, रज्जन पंडित, सुरेंद्र सिंह व दो नाविक बैठे हुए थे। नाव जैसे ही गांव की ओर चली तभी कमजोर नाव असंतुलित होकर पलट गई। नाव में बैठे सभी लोग पानी में गिर गए। जिन्हें बाढ़ ग्रस्त नदी के किनारे खड़े लोगों ने पकड़ कर बाहर निकाला। दुर्घटना में सभी का सामान व मोबाइल पानी में भीग गया। किराना दुकानदार रज्जन पंडित की सब्जी की बोरी, झोला, चार्जर, चीनी, मोरटीन, माचिस, धनिया, आदि किराने का सामान नदी में डूब गया। अगर यही हादसा बीज मझधार में घटता तो शायद कई लोगों की जानें भी जा सकती थी। यह तो किस्मत अच्छी थी। कि दुर्घटना नदी के किनारे ही घटित हो गई, और सब की जान बच गई। दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर हड़कंप मच गया। लोग नाव में बैठने से घबराने लगे। ग्रामीणों ने कहा कि शासन, प्रशासन उदासीनता बरत रहा है।
तत्काल बड़ी नाव व स्ट्रीमर की व्यवस्था करनी चाहिए। बाढ़ का पानी बहुत तेजी से बढ़ रहा है। करीब 25 फुट से ज्यादा बाढ़ का पानी गांव के अंदर भर चुका है। जिससे 2 खंड ऊंचे मकान भी पानी में डूब गए हैं। गांव की स्थिति अत्यंत दयनीय है। अगर जल्दी प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया तो भारी तबाही आ सकती है। स्वयं सेवी संस्थाएं भी निष्क्रिय हैं। अभी तक किसी ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद का प्रयास नहीं किया है। जिसको लेकर भी ग्रामीणों में असंतोष व्याप्त है।
रिपोर्ट – रामसुमेर









