बुलडोजर बाबा’ तो जीते ही औरों की भी किस्‍मत बदल दी

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उत्‍तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 का शोर थम चुका है. BJP ने स्‍पष्‍ट बहुमत के साथ सत्‍ता में वापसी की है. भाजपा ने 255 सीटों पर जीत हासिल की है. इस चुनाव में जहां केशव प्रसाद मौर्य जैसे दिग्‍गज अपनी सीट नहीं सके तो दूसरी तरफ कुछ ऐसे प्रत्‍याशी भी चुनाव मैदान में थे जो पूर्व में कई चुनाव हार चुके थे. इस बार के विधानसभा चुनाव में बुल्‍डोजर बाबा यानी योगी आदित्‍यनाथ ने तो बड़ी जीत हासिल की ही उनके साथ कई प्रत्‍याशियों की भी किस्‍मत बदल गई जिन्‍होंने विधानसभा चुनाव जीतने का बस ख्‍वाब ही देखा होगा. इन्‍हीं में से एक हैं पीलीभीत की बरखेड़ा विधानसभा सीट से भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ने वाले जयभद्र उर्फ स्‍वामी प्रवक्‍तानंद. इलाके में स्‍वामी प्रवक्‍तानंद के नाम से मशहूर जयभद्र के लिए इस बार का विधानसभा चुनाव किसी परिकथा से कम नहीं है.

कहा जाता है कि इंसान अपनी किस्मत जन्म से लेकर आता है. इसका जीता जागता उदाहरण पीलीभीत जिले की बरखेड़ा विधानसभा सीट पर देखा जा सकता है. यहां से भाजपा के बैनर तले चुनाव लड़ कर विधायक बने स्वामी प्रवक्‍तानंद इसका जीता जाता उदाहरण हैं. वह तीसरी बार चुनाव लड़े और बरखेड़ा सीट से जीतकर न केवल अपना ख्‍वाब पूरा किया, बल्कि लोगों को भी अचंभित कर दिया.

चार भाई-बहनों में सबसे बड़े जयभद्र (47) ने स्नातक तक की पढ़ाई की है. जयभद्र उर्फ स्वामी प्रवक्तानंद का 12 साल का राजनीतिक इतिहास है. सबसे पहले वह बीजेपी के टिकट पर चुनाव लड़ा था. पहले चुनाव में उन्‍हें हार का सामना करना पड़ा था. इसके बाद उन्‍होंने राष्ट्रीय लोक दल के टिकट पर चुनाव लड़ा और एक बार फिर से उन्‍हें हार का मुंह देखना पड़ा. विधानसभा चुनावों में हार मिलने के बाद वह निर्दलीय जिला पंचायत सदस्य का चुनाव लड़ और उसमें जीत हासिल की.स्‍वामी प्रवक्‍तानंद ने भारतीय जनता पार्टी से एक बार फिर अपनी किस्मत आजमाने का फैसला किया. पार्टी हाईकमान ने उनपर भरोसा जताया और उनको एक बार फिर बरखेड़ा विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने का ऑफर मिल गया. इसके बाद स्वामी प्रवक्तानंद ने जमकर मेहनत की और पीलीभीत जिले के इतिहास में एक नई इबारत लिख डाली.

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