भगवा साफा बांधकर दो युवकों ने की तीन मजारों में तोड़फोड़, माहौल बिगाड़ने की थी साजिश

Facebook
X
WhatsApp

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले में कांवड़ यात्रा के दौरान सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने की कोशिश की गई. भगवा साफा बांधकर दो सेज मुस्लिम भाईयों ने सैकड़ों साल पुरानी तीन पीर बाबाओं की मज़ार पर तोड़फोड़ और आगजनी की. हालांकि डीएम और एसपी की सूझबूझ से शहर की फिजा बिगड़ने से बच गई. पुलिस ने दोनों सगे भाइयों को गिरफ्तार कर लिया है, जिनसे गहनता से पुलिस के अफसर पूछताछ कर रहे हैं. पकड़े गए दोनों भाई बिजनौर के शेरकोट इलाके के ही रहने वाले है।

पूरा मामला बिजनौर के शेरकोट इलाके का है, जहां पर रविवार शाम दो सगे भाई आदिल व कमाल ने हिन्दू धर्म का लिबास पहनकर सैकड़ों साल पुरानी दरगाह भूरे शाह बाबा व जलालशाह बाबा व तीसरी क़ुतुब शाह की मज़ार तहस नहस करते चले गए. इतना ही नहीं दोनों शातिर भाइयों ने मज़ार पर चढ़ी सभी चादरों को आग के हवाले कर दिया. पुलिस की प्रारंभिक जांच में यही पता चला है कि माहौल को बिगाड़ने की नियत से दोनों सगे भइयो ने भगवा रंग का चोला पहनकर वारदात को अंजाम दिया।

एसपी दिनेश सिंह ने बताया कि रविवार शाम साढ़े चार बजे के करीब शेरकोट इलाके के जलाल शाह मजार पर तोड़फोड़ की सूचना मिली। पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची तो सूचना मिली कि घोसियावाला गांव में भूरे लाल शाह की मजार पर तोड़फोड़ की गई है. इसके बाद जब मौके पर पुलिस पहुंची तो पता चला कि दो भाई मोहम्मद कामिल और मोहम्मद आदिल ने तोड़फोड़ की है. उसके बाद दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया है. हालांकि परिवार का कहना है कि दोनों मानसिक रोगी है.

जब दोनों भाई वारदात को अंजाम दे रहे थे तभी कुछ राहगीरों ने मज़ार पर तोड़ फोड़ करते हुए उन्हें देख लिया था. जिसकी वजह से आनन-फानन में बिजनौर डीएम और एसपी ने मौका-ए-वारदात पर पहुंचकर स्थिति को कंट्रोल में करते हुए तुरन्त टूटी तीनों मज़ारों पर मरम्मत का काम शुरू करा दिया. साथ ही पुलिस ने दोनों आरोपी भाइयों को गिरफ्तार कर लिया जिनसे सख्ती से पूछताछ की जा रही है।

The specified slider does not exist.

ताजा खबरें