अलीगढ। जिला जज डा. बब्बू सारंग ने जवां क्षेत्र के कासिमपुर पावर हाउस में 11 साल पहले हुई भाजपा नेता यशपाल सिंह चौहान व उनके भाई अनिल चौहान की हत्या के मामले में नौ आरोपितों को दोषी करार दिया है। अदालत ने दोषियों को सजा सुनाने के लिए 15 जून की तिथि नियत की है।
यह है मामला
डीजीसी धीरेंद्र सिंह तोमर के मुताबिक, तीन मार्च 2011 को हरदुआगंज के बड़ागांव उखलाना निवासी भाजपा के वरिष्ठ नेता यशपाल सिंह चौहान, उनके भाई अनिल, सतीश, चालक शिवकुमार, प्रदीप, संकेत व पुष्पेंद्र चौहान के साथ कासिमपुर स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा में रुपये निकालने गए थे। बैंक से बाहर आते ही हमलावरों ने रायफल, रिवाल्वर व तमंचों से ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। करीब आधा घंटा तक फायरिंग हुई थी। इसमें लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई। गोली लगने से अनिल की मौके पर ही मौत हो गई थी, जबकि यशपाल सिंह चौहान ने जेएन मेडिकल कालेज में दम तोड़ दिया था। संकेत व पुष्पेंद्र भी घायल हुए थे। इस मामले में राइफल लूट का भी आरोप लगा था। लेकिन, बाद में पुलिस ने राइफल को बरामद कर लिया था। सतीश सिंह की ओर से अशोक राघव, प्रमोद राघव, अशोक का भाई, केशव राघव, कन्हैया व 2-3 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। इसमें आरोप लगाया गया कि कासिमपुर पावर हाउस में ठेकेदारी को लेकर रंजिश व वर्चस्व के चलते घटना की गई। इसके बाद अवनीश, अजयपाल, सतेंद्र, कमल सिंह, दिनेश के नाम प्रकाश में आए। डीजीसी ने बताया कि अदालत ने मंगलवार को नौ आरोपितों को दोषी करार दिया है, जिसके बाद सभी को जेल भेज दिया गया है। बुधवार को सजा सुनाई जाएगी।
यशपाल सिंह भाजपा से बरौली से विधायकी का चुनाव लड़े थे। साथ ही कासिमपुर पावर हाउस में यशपाल सिंह चौहान में बड़े ठेकेदार थे और उनका अलग रसूख था। वहीं इस घटना में कई दिन तक आरोपितों की गिरफ्तारी नहीं हुई तो इसकी गूंज प्रदेश भर में गई थी। जिला मुख्यालय पर भाजपाइयों ने प्रदर्शन किया था।









