भारत का वो शहर, जहां 52 सेकंड्स बुत बन जाते हैं लोग, 1 कदम भी नहीं हिल पाता कोई

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चलिए आपको एक ऐसे शहर से मिलवाते हैं जहाँ हर रोज सुबह 52 सेकंड के लिए अचानक सबकुछ थम जाता है. जो जहाँ खड़ा रहता है, वहीं सावधान की मुद्रा में जम जाता है बच्चे से लेकर बूढ़े तक, औरत से लेकर मर्द तक, कोई एक कदम भी आगे-पीछे नहीं होता. आप सोच रहे होंगे ऐसा क्या हो जाता है भला कि लोग हिलना-डुलना ही बंद कर देते हैं.
ऐसा इसलिए होता है क्योंकि इस शहर के लोगों को सुबह के एक खास समय पर राष्ट्रगान  सुनाई पड़ता है. तेलंगाना में नालगोंडा  शहर में हर रोज सुबह साढ़े आठ बजे लाउडस्पीकर पर राष्ट्रगान बजाया जाता है  और पूरा शहर 52 सेकंड के लिए थम जाता है. शहर के अलग-अलग हिस्सों में 12 बड़े लाउडस्पीकर्स लगाए गए हैं. आने वाले कुछ महीनों में शहर के आस-पास कई और जगहों पर भी लाउडस्पीकर लगाए जाने वाले हैं.आयोजकों को इस आइडिया पर काम करने की प्रेरणा मिली थी जम्मिकुंता  नाम के जगह से. जहां हर रोज राष्ट्रगान बजाया जाता था. इससे प्रेरित होकर नालगोंडा में जन-गण-मन उत्सव समिति के द्वारा यह कार्यक्रम शुरु  किया गया. पहली बार 23 जनवरी 2021 को शहर में इस प्रयोग को किया गया. प्रशासनिक अधिकारियों ने समिति की इस पहल की बहुत तारीफ की. जिस समय राष्ट्रगान बजाया जाता है, उस समय समिति के कार्यकर्ता पूरे शहर में अलग-अलग जगहों पर हाथ में तिरंगा लिए खड़े रहते हैं
नालगोंडा के लोगों के लिए यह क्षण बहुत रोमांचकारी होता है. अब सोचिए जरा, है न अपने आप में ये अनूठी बात कि जिस तिरंगे के सामने सैल्यूट करके पूरा देश अमूमन गणतंत्र दिवस समारोह  या स्वतंत्रता दिवस पर सावधान मुद्रा में खड़ा होता है. नालगोंडा के लोग इस एहसास को रोज जीते हैं. सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर भी इस खबर को देखे जाने के बाद लोगों ने इस कदम की तारीफ की है. इस पहल की तब और सराहना हुई जब सड़क पर दो छोटे बच्चे राष्ट्रगान को सुनकर बीच सड़क पर ही सावधान की मुद्रा में खड़े हो गए. और तब तक नहीं हिले जब तक राष्ट्रगान समाप्त नहीं हो गया

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