माघ माह में शनिदेव का पूजन विशेष फल प्रदान करता है। पौराणिक कथा के अनुसार शनिदेव को उनके पित सूर्य देव ने वरदान दिया था। मकर राशि शनिदेव का दूसरा घर है। जब तक सूर्य देव मकर राशि में रहते हैं, उस काल में शनि भक्तों का कोई भी अनिष्ट नहीं होता है। माघ मास में काले तिल के पूजन का भी विशेष महत्व होता है। इस माह में तिल से संबंधित कई त्योहार मनाए जाते हैं। काले तिल शनिदेव को विशेष प्रिय होते हैं। माघ माह में शनिवार के दिन शनिदेव को काले तिल और सरसों तेल अर्पित करने से सभी कष्ट दूर होते हैं। जिन लोगों की कुण्डली में किसी भी तरह का शनिदोष व्याप्त हो या शनि की महादशा चल रही हो। उन्हें माघ माह के शनिवार को शनिदेव के पौराणिक मंत्रों का जाप करना चाहिए। ऐसा करने से शनि की महादशा से मुक्ति मिलती है शनिदेव का गायत्री मंत्र सभी कष्ट और संकट दूर करता है। शनि देव को काले तिल और सरसों का तेल चढ़ा कर इस मंत्र का जाप करना चाहिए









