मुख्यमंत्री से शिकायत करने से गुस्साए लाइनमैन ने काट दी पांच गांवों की बिजली, ग्रामीणों में भड़का रोष

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जालौन: मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर लाइनमैन की शिकायत करने पर समस्या तो नहीं खत्म हुई, बल्कि तहसील क्षेत्र के पांच गांवों में छह दिन से बिजली सप्लाई ठप हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि आए दिन क्षेत्र की बिजली कटने को लेकर लाइनमैन के खिलाफ मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी। इस पर झल्लाए लाइनमैन ने जानबूझकर बिजली काट दी है। ग्रामीणों ने आंदोलन की चेतावनी देते हुए उसे हटाने की मांग की है। अधीक्षण अभियंता ने प्रकरण की जांच कराने का आश्वासन दिया है।

मुख्यमंत्री बिजली व्यवस्था को लेकर अधीनस्थों को लगातार सख्त निर्देश दे रहे हैं। इसके बाद भी अधीनस्थों की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हो रहा है। जालौन तहसील के कुकरगांव से जाने वाले ग्राम मकरंदपुरा, शेरपुरा, करनपुरा व दो मजरों की बिजली आए दिन गुल रहती है। ग्रामीण राहुल श्रीवास्तव, सूर्य पाठक व कुलदीप ने इसकी शिकायत मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर की थी। आरोप है कि शिकायत होने से नाराज लाइनमैन जितेंद्र कुशवाहा ने गांवों की बिजली आपूर्ति ठप कर दी। छह दिन से बिजली न आने के कारण नलकूप बंद पड़े हैं। पेयजल व्यवस्था भी प्रभावित है।

आपको बता दे की जितेंद्र प्रजापति, अभिगमन श्रीवास्तव, कार्तिक श्रीवास्तव, नीरज बताते हैं कि जब भी ग्रामीण बिजली की शिकायत करते हैं तो लाइनमैन अधिकारियों को झूठी सूचना देकर और तार टूटा दिखाकर लाइट बंद कर देता है। ग्रामीणों ने बताया कि छह दिनों से बिजली न आने से जनजीवन प्रभावित है। ग्रामीण ने मंगलवार को अवर अभियंता से शिकायत करते हुए लाइनमैन को हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि अगर लाइनमैन को हटाया नहीं गया तो मजबूरी में उनको आंदोलन करने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
अवर अभियंता राहुल साहू ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत पर जांच कराई जा रही है। यदि जानबूझकर सप्लाई काटी गई है तो लाइनमैन के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उधर, लाइनमैन जितेंद्र कुशवाहा का कहना है कि आरोप निराधार हैं। तकनीकी खराबी के कारण आपूर्ति बाधित हुई है। अधीक्षण अभियंता राजीव कुमार का कहना है कि मामला गंभीर है। पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है।

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