उत्तर प्रदेश की मऊ सदर सीट से विधायक बनने के बाद बाहुबली मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी अपने एक बयान को लेकर मुसीबत कम नहीं हो रही हैं. वीडियो सामने आने के बाद अब्बास अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी. पुलिस ने जांच के दौरान अब चार धाराएं बढ़ा दी है. नवनिर्वाचित विधायक अब्बास अंसारी पर 186,189,153A और 120B तहत धाराएं बढ़ाकर कार्रवाई तेज कर दी गई है. इससे पहले 171H,506 के तहत मामला दर्ज किया गया था।
दरअसल, बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वह कहते दिखते हैं, ‘समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्ययक्ष अखिलेश यादव जी से कहकर आया हूं कि छह महीने तक किसी कीट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगी भइया.जो यहां है, यहीं रहेगा, पहले हिसाब किताब होगा. उसके बाद उनके जाने के सर्टिफिकेट पर मुहर लगाया जाएगा.’ बता दें कि चुनाव आयोग के आदेश में इस वीडियो का ट्रासक्रिप्ट भी दिया था।
वीडियो सामने आने के बाद अब्बास अंसारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो गई थी. मऊ पुलिस ने ट्वीट करके बताया,’ प्रत्याशी अब्बास अंसारी के वायरल विडियों के सम्बन्ध में थाना कोतवाली पर आचार संहिता के उलंघन के सम्बन्ध में धारा 171च,506 भादावि0 का अभियोग पंजीकृत किया गया है तथा इस सम्बन्ध में निवार्चन अधिकारी 356-मऊ सदर, मऊ को अग्रिम कार्यवाही हतु रिपोर्ट दी गयी है.’ अब्बास अंसारी के इस बयान पर काफी विवाद हुआ था और चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए अब्बास अंसारी के प्रचार करने पर 24 घंटे का प्रतिबंध भी लगा दिया था. मुख्तार अंसारी फिलहाल बांदा की जेल में बंद हैं।
मऊ से चुनाव जीते अब्बास अंसारी
बता दें कि उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव 2022 में समाजवादी पार्टी (SP) गठबंधन में शामिल पूर्व मंत्री ओमप्रकाश राजभर के नेतृत्व वाली सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी से बाहुबली विधायक मुख्तार अंसारी के बेटे अब्बास अंसारी मऊ सीट से चुनाव जीत गए हैं।









