यूपी के इस नेशनल हाइवे पर 18 किलोमीटर का दायरा बना डेथ जोन, 5 महीने में 150 लोगों की मौत

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उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के एक थाना क्षेत्र में ही कानपुर-सागर नेशनल हाइवे-34 पर एक्सीडेंट की बढ़ते मामलों को लेकर यहां पुलिस अफसरों ने चिंता जताई है। पिछले पांच माह में ही अभी तक डेढ़ सौ लोगों की एक्सीडेंट में मौत हो चुकी है जबकि ढाई सौ लोग बुरी तरह घायल हुए है। थाना क्षेत्र के 18 किमी के दायरे में हाइवे पर एक्सीडेंट के मामले पर अंकुश लगाने के लिए अब हाइवे किनारे अतिक्रमण पर बुलडोजर चलवाने की तैयारी पुलिस विभाग ने की है।
हमीरपुर जिले में सर्वाधिक हादसे सदर कोतवाली से लेकर मौदहा थाना क्षेत्र तक कानपुर-सागर नेशनल हाइवे में होते है। यह हाइवे टू लेन का होने के कारण हर रोज एक्सीडेंट में लोग मर रहे है। सबसे ज्यादा एक्सीडेंट सुमेरपुर थाना क्षेत्र में इंगोहटा से कुंडौरा गांव तक हुई। हाइवे किनारे ये दोनों गांव अठारह किमी के दायरे में बसे है जहां अतिक्रमण के कारण हाइवे सिकुड़ गया है। अतिक्रमण के कारण थाने के सामने हाइवे पर आए दिन जाम लगता है। नवीन गल्ला मंडी से उद्योग नगरी तक हाइवे अतिक्रमण की गिरफ्त में है, जिससे पैदल निकलना भी मुश्किल है। इस साल बीते पांच महीने में ही अठारह किमी के दायरे में हाइवे पर सैकड़ों हादसे हुए जिसमें डेढ़ सौ लोगों की मौत हुई वहीं ढाई सौ लोग घायल हुए है।

सुमेरपुर थाने में पिछले दिनों व्यापारियों के साथ हुई बैठक में सीओ सदर रवि प्रकाश ने बड़ी बात कहते हुए बताया कि हमीरपुर जिले में नेशनल हाइवे-34 पर कुंडौरा से लेकर इंगोहटा तक का दायरा एक्सीडेंट का डेंजर जोन है जहां सर्वाधिक एक्सीडेंट हुए है। बताया कि पिछले पांच महीने में डेढ़ सौ लोगों की मौत इसी थाना क्षेत्र में एक्सीडेंट में हुई है जबकि ढाई सौ लोग घायल हुए है। उन्होंने बताया कि यहां अतिक्रमण की स्थिति बदतर है।
मार्च 2020 से फरवरी 2021 तक कोरोना की पहली लहर में 21 लोग मरे, मार्च 2021 से दिसम्बर 2021 तक 81 लोगों की कोरोना से मौत हुई है। जबकि मार्च 2020 से दिसंबर 20 तक हादसे में 91, जनवरी 21 से दिसंबर 21 तक 183 और इस साल जनवरी से फरवरी 22 तक 11 लोगों की मौत एक्सीडेंट में हुई है। बताते है कि कोराना से जिले में 102 की जाने गई थी, जबकि इसी अवधि में हाइवे-34 पर हादसे में 295 लोगों की मौत हुई।
व्यापारियों की बैठक में एएसपी अनूप कुमार ने प्लान बताते हुए कहा कि पांच दिनों तक लोगों में जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। यदि स्वेच्छा से हाइवे की पटरी से अतिक्रमण नहीं हटाया गया तो बिना भेदभाव के अतिक्रमण हटवाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर बुलडोजर भी अतिक्रमण पर चलवाया जाएगा। बताया कि अवैध तरीके से सड़क किनारे कोई पार्किंग नहीं रहेगी। वाहन खड़े होने पर जुर्माना किया जाएगा।

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