लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता द्वारा कोर्ट में दाखिल शपथ पत्र को लेकर पदोन्नति पाने वाले कार्मिकों में रोष है। कार्मिकों का कहना है कि एक ही संस्थान से मिलने वाले प्रमाण पत्रों को लेकर विभाग द्वारा गलत रवैया अपनाया जा रहा है।
कार्मिकों का कहना है कि लोक निर्माण विभाग में पांच फीसद कोटे के तहत समूह ग में कार्यरत कार्मिकों को अवर अभियंता के पद पर सन 2015 एवं 2016 में पदोन्नत किया। उस वक्त विभागीय चयन समिति ने सभी के डिप्लोमा प्रमाण पत्र भी सत्यापित कराए गए। इन्हीं संस्थानों से डिप्लोमा प्रमाण पत्र लेकर आयोग के माध्यम से सीधी भर्ती से चयन होकर आए हैं।
सीधी भर्ती से आए अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र मान्य किए जा रहे हैं, लेकिन इन्हीं संस्थान से समान शिक्षा पद्धति के प्रमाण पत्रों को अमान्य किया जाना समानता के अधिकार का हनन है। रोष व्यक्त करने वालों में अनंत प्रताप सिंह, अमित गुलाटी, नवीनचंद्र मिश्र, संदीप सिंह, मनीष कुमार शुक्ल, प्रबोध कुमार मिश्र, अनिल कुमार, विनय, प्रवेश कुमार सिंह, अरविंद कुमार यादव, मुनेंद्र देव स्वरूप, कमल किशोर, परमहंस यादव, श्याम सुंदर गुप्ता, अनूप, अमर दीप, नलिनी गुप्ता, महेंद्र प्रताप, अतुल कुमार आदि उपस्थित थे
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