योगी आदित्‍यनाथ पांच साल बाद पहुंचे अपने पैतृक गांव, मां का आशीष लेकर हुए भावुक

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संन्यास लेने के बाद किसी संन्यासी के लिए जीवन में सामाजिक रिश्ते बदल जाते हैं, मगर मां का रिश्ता सदैव बना रहता है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को अब उनके भाई, बहन व अन्य लोग महाराज कहकर संबोधित करते हैं, मगर मां सावित्री देवी के लिए वह आज भी वही अजय हैं, जो उनके आंचल में पले और बढ़े। इस दौरान तस्वीर को ट्विटर पर शेयर करते हुए योगी आदित्यनाथ ने सिर्फ एक शब्द ‘मां’ लिखा।

इसीलिए पांच साल बाद जब योगी अपनी जन्मदात्री से मिले तो उनके मुख से भी मां का संबोधन निकला। योगी ने अपनी मां के पैर छूकर आशीष लिया। मां का ममतामयी हाथ सिर पर आया तो योगी आदित्यनाथ भावुक हो गए।
मंगलवार को अक्षय तृतीया का पुण्य पर्व 83 वर्षीय सावित्री देवी के लिए सबसे महत्वपूर्ण था। वह इसलिए कि उनसे मिलने उत्तर प्रदेश से उनके पुत्र अजय बिष्ट (योगी आदित्यनाथ) आ रहे थे। योगी आदित्यनाथ आखिरी बार 11 फरवरी 2017 को अपने गांव आए थे। तब भी वह एक रात अपने पैतृक घर में प्रवास किया था। मंगलवार को वह करीब पांच वर्ष बाद अपने गांव पहुंचे थे।

शाम छह बजे जब योगी आदित्यनाथ अपने पैतृक आवास पर पहुंचे तो यहां वह देश के सबसे बड़े प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं थे, बल्कि इस घर में जन्मे और पले-बढ़े अजय थे। घर पहुंचने पर योगी आदित्यनाथ सबसे पहले अपनी वयोवृद्ध मां सवित्री देवी के पास पहुंचे। उन्होंने मां के चरण छूए तो मां का आशीष भरा हाथ योगी के सिर पर आ गया।
योगी आदित्यनाथ ने मां से पूछा कि क्या वह उन्हें पहचान रही हैं, मां की ओर से जब कोई जवाब नहीं आया तो योगी आदित्यनाथ ने इस वाक्य को तीन बार दोहराया, जिसके बाद मां ने सिर हिलाकर अपनी भावनाएं व्यक्त की। योगी आदित्यनाथ ने इसके बाद मां की कुशलक्षेम पूछी। इस दौरान योगी आदित्यनाथ और उनकी मां सावित्री देवी का गला भर आया।

मंगलवार को योगी आदित्यनाथ के भाई महेंद्र सिंह बिष्ट के बेटे अनंत का जन्मदिन भी था। उन्होंने भतीजे से मुलाकात कर उसे आशीर्वाद भी दिया। इसके बाद योगी घर के बाहर लगे पंडाल में पहुंचे, जहां उन्होंने एक-एक कर गांव के नागरिकों, बुजुर्गों तथा महिलाओं से भेंट की। मिलने पहुंचे बच्चों को भी उन्होंने मिठाई खिलाई और उनसे बातचीत करने के साथ फोटो भी खिंचवाई।
योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अपने पैतृक घर पर ही प्रवास पर हैं। यहां उनके लिए एक कमरा हमेशा सुरक्षित रखा जाता है। बताया जा रहा है कि योगी आदित्यनाथ बुधवार को भी अपने गांव में ही प्रवास करेंगे। यद्यपि अभी उनका कार्यक्रम अंतिम रूप से तय नहीं हुआ है।

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