योगी मंत्रिमंडल विस्तार पर बोलीं मायावती- बेहतर होता कि नेता इसे स्वीकार नहीं करते

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उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले योगी मंत्रिमंडल विस्तार किया गया। रविवार को योगी आदित्यनाथ की सरकार में सात नए मंत्रियों को शपथ दिलाई गई। इसको लेकर बहुजन समाज पार्टी की अध्यक्ष मायावती ने भाजपा पर तंज कसा है। मायावती ने कुछ खास वर्गों को बीजेपी के दोहरे चाल-चरित्र से सावधान रहने की सलाह भी है

मायावती ने सोमवार सुबह ट्वीट कर कहा, “बीजेपी ने कल यूपी में जातिगत आधार पर वोटों को साधने के लिए जिनको भी मंत्री बनाया है, बेहतर होता कि वे लोग इसे स्वीकार नहीं करते क्योंकि जब तक वे अपने-अपने मंत्रालय को समझकर कुछ करना भी चाहेंगे तब तक यहाँ चुनाव आचार संहिता लागू हो जायेगी।” बसपा प्रमुख ने अगले ट्वीट में कहा, ” इनके समाज के विकास व उत्थान के लिए अभी तक वर्तमान भाजपा सरकार ने कोई भी ठोस कदम नहीं उठाये हैं बल्कि इनके हितों में बीएसपी की रही सरकार ने जो भी कार्य शुरू किये थे, उन्हें भी अधिकांश बन्द कर दिया गया है। इनके इस दोहरे चाल-चरित्र से इन वर्गां को सावधान रहने की सलाह।”

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। सत्ताधारी बीजेपी जातीय संतुलन को साधने की कवायद में जुट गई है। जिस तरह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने मंत्रिमंडल विस्तार में यूपी के जातीय समीकरण का पूरा खयाल रखा था, ठीक उसी तरह यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने भी छोटी-छोटी जातियों को प्रतिनिधित्व देने का काम किया है। योगी सरकार का पूरा फोकस गैर यादव जातीय समीकरण पर ही है। आने वाले समय में अब सरकार इन चेहरों के साथ चुनावी मैदान में उतरेगी। रविवार शाम राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में जितिन प्रसाद समेत सात मंत्रियों ने शपथ ली।

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