मोदी सरकार के 3 कृषि कानूनों के खिलाफ चल रहे आंदोलन के बीच आज किसान संगठनों ने “भारत बंद” का आह्वान किया। इसे लेकर भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत का बयान आया है। टिकैत ने मीडिया से बातचीत में कहा कि, हमारा ‘भारत बंद’ सफल रहा। उन्होंने कहा कि, हमें किसानों का पूरा समर्थन मिला। उन्होंने यह भी कहा कि, हम सब कुछ सील नहीं कर सकते क्योंकि हमें लोगों की आवाजाही को सुविधाजनक बनाना है। हम सरकार से बातचीत के लिए तैयार हैं, लेकिन कोई बातचीत नहीं हो रही।
राकेश टिकैत ने उत्तर प्रदेश को आड़े हाथों लिया। टिकैत बोले कि, उन्होंने ने घोषणापत्र में गन्ने का मूल्य बढ़ाकर 375-450 रुपये करने का वादा किया था, फिर भी उन्होंने केवल 25 रुपये ही बढ़ाए। टिकैत का कहना है कि, योगी सरकार को किसानों के नुकसान का हिसाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि, यह सरकार पूरी तरह से फेल हो चुकी है। बीकेयू नेता राकेश टिकैत ने यह भी कहा कि, यूपी में किसानों की फसलें एमएसपी दरों पर नहीं बिक रहीं।”
इससे पहले भी टिकैत ने किसानों के मुद्दे पर यूपी सरकार से सवाल किए थे। टिकैत ने कहा कि, यूपी में किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यूपी में बिजली की दरें भी सबसे ज्यादा हैं। 2016 के बाद से गन्ने की कीमत नहीं बढ़ी थीं। केंद्र ने इसे पांच रुपये, पांच पैसे प्रति किलोग्राम बढ़ाया..क्या यह सरकार किसानों का अपमान नहीं कर रही है?”
गौरतलब हो कि, संयुक्त मोर्चे ने ‘मिशन यूपी’ की घोषणा करने की योजना बनाई है और इसका लक्ष्य पश्चिमी उत्तर प्रदेश में बड़े पैमाने पर लामबंदी करना है। संयुक्त मोर्चे के नेताओं का कहना है कि, ‘यह महापंचायत सिर्फ चुनाव से नहीं जुड़ी है। छह महीने बाद चुनाव हैं। किसान अपने अभियान के पहले चरण में उत्तर प्रदेश में 18 महापंचायत आयोजित करने की योजना बना रहे हैं।









