बुर्का व हिजाब का विवाद बृहस्पतिवार को शुरू हुए यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में भी उठा। एक परीक्षा केंद्र पर हाईस्कूल की छात्रा बुर्का व हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची। चेकिंग के लिए जब उसे बुर्का उतारने को कहा गया तो हंगामा खड़ा हो गया। किसी तरह से मामले को शांत कर उसे परीक्षा दिलाई गई। वहीं दूसरी तरफ एक परीक्षा केंद्र के केंद्र व्यवस्थापक को छात्रों के जूते-चप्पल उतरवाना भारी पड़ गया। अपर मुख्य सचिव माध्यमिक ने इस पर केंद्र व्यवस्थापक को हटाने का आदेश जारी कर दिया। इसके अलावा एक विद्यालय के दो संदिग्ध छात्र परीक्षा देने पहुंचे। उनके पंजीकरण को लेकर मामला संदिग्ध लगा तो नियम के अनुसार उन दोनों छात्रों को वापस कर दिया गया।सुबह की पाली में राजकीय बालिका इंटर कॉलेज शाहमीना में हाईस्कूल की एक छात्रा बुर्का व हिजाब पहनकर परीक्षा देने पहुंची। बोर्ड द्वारा बिना चेकिंग के किसी भी परीक्षार्थी को परीक्षा कक्ष में प्रवेश करने की अनुमति नहीं है। परीक्षा केंद्र पर मौजूद स्टाफ ने छात्रा को बुर्का उतारने के लिए कहा तो विवाद खड़ा हो गया। बताया जा रहा है कि छात्रा ने इसका विरोध किया और वह हंगामे पर उतर आई। अभिभावक भी साथ थे वे भी मना करने लगे। स्टाफ और छात्रा के बीच काफी देर तक विवाद हुआ। बाद में बुर्का व हिजाब उतरवाकर महिला शिक्षिकाओं ने जांच के उपरांत ही परीक्षा कक्ष में जाने दिया गया। हालांकि चेकिंंग के बाद छात्रा को साथ में बुर्का ले जाने दिया गया और उसने पूरी परीक्षा दी। डीआईओएस डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि पहली प्राथमिकता सभी को परीक्षा में बैठाना है, लेकिन बोर्ड द्वारा जारी नियमों का भी कड़ाई से पालन करने का निर्देश दिया गया है।सुन्नी इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य व केंद्र व्यवस्थापक शकील अहमदको सुबह परीक्षा से पहले छात्रों के जूते-चप्पल उतरवाना भारी पड़ गया। परीक्षा के दौरान अपर मुख्य सचिव माध्यमिक शिक्षा आराधना शुक्ला परीक्षा केंद्र का निरीक्षण करने पहुंची। परीक्षा कक्षाओं के बाहर परीक्षार्थियों के जूते-चप्पल देखकर वह बिफर पड़ीं, उन्होंने तुरंत केंद्र व्यवस्थापक पर कार्यवाही करने का निर्देश दिया।
डीआईओएस डॉ. अमर कांत सिंह ने बताया कि शकील अहमद को तत्काल प्रभाव से केंद्र व्यवस्थापक की जिम्मेदारी से हटा दिया गया। उनकेस्थान पर वरिष्ठ प्रवक्ता खालिद सिद्दीकी को चार्ज दिया गया। इससे पहले अपर मुख्य सचिव आराधना शुक्ला ने राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज और अमीनाबाद इंटर कॉलेज का भी निरीक्षण किया। जुबिली कॉलेज को गुब्बारों से सजाया गया था। उन्होंने परीक्षार्थियों को गुलाब देकर परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परीक्षा कक्षों, कंट्रोल रूम आदि व्यवस्थाओं का जायजा लिया। मोबाइल फोन को लेकर वे काफी सख्त दिखीं। किसी भी सूरत में मोबाइल फोन परिसर में न ले जाने की सख्त हिदायत दी। उन्होंने डीआईओएस से परीक्षा से संबंध में कई प्रश्न भी पूछे।









